Nepal Landslide Flood: नेपाल में भूस्खलन की वजह से आई बाढ़ ने बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की खबरों के बाद अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। ऐसी खबरें हैं कि नेपाल में तीन पुल बह गए हैं। इस बीच, भारत सरकार और बिहार के जल संसाधन विभाग ने नदी के जलस्तर और तटबंधों की सुरक्षा पर लगातार नज़र रखने के निर्देश जारी किए हैं।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की विशेष एडवाइजरी के अनुसार, नेपाल में नारायणी (गंडक) नदी के ऊपरी इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। इसके बाद, बूढ़ी गंडक नदी पर अरुघाट गेज स्टेशन पर जल स्तर तेज़ी से बढ़ा और खतरे के निशान को पार कर गया। इस स्थिति को देखते हुए, भारत-नेपाल सीमा के साथ वाले इलाकों और बिहार व उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Nepal Landslide Flood: भारतीय क्षेत्र में असर कम रहने का अनुमान
मंत्रालय के अनुसार, नेपाल के ऊपरी इलाकों में जल-स्तर की निगरानी करने वाले स्टेशनों से पता चला है कि जल-स्तर में पहले बढ़ोतरी हुई और उसके बाद गिरावट आई। बाढ़ का पानी गंडक नदी के रास्ते नीचे की ओर बढ़ सकता है; हालाँकि, उम्मीद है कि जब तक पानी भारतीय सीमा तक पहुँचेगा, तब तक उसका बहाव कम हो जाएगा। फिलहाल, भारतीय इलाके में इसका असर सीमित रहने का अनुमान है।
11 अक्टूबर 2026 को नेपाल से मिली जानकारी के आधार पर, बिहार के जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं को ज़रूरी निर्देश जारी किए हैं। गंडक और बूढ़ी गंडक नदियों में जल स्तर और बहाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए, विभाग ने उन्हें तटबंधों और जल संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण के लिए ज़रूरी सामान, मैनपावर और लाइटिंग का उचित इंतज़ाम करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी और चौकसी रखने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने गंडक बैराज में पानी के बहाव में थोड़ी बढ़ोतरी की संभावना जताई है। इसलिए, नदी के निचले इलाकों में स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। हालांकि अभी भारतीय इलाके पर इसके बड़े असर की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन पानी के स्तर में हो रहे बदलावों को देखते हुए सावधानी बरतना ज़रूरी है। नदी के पास रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे प्रशासन की सलाह मानें, नदी की तेज़ धाराओं से दूर रहें और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।
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