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मलमास मेला बंदोबस्ती पर पटना हाईकोर्ट सख्त, DM नालंदा को दिया आदेश

मलमास मेला बंदोबस्ती पर पटना हाईकोर्ट सख्त, DM नालंदा को दिया आदेश
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Rajgir Malmas Mela: पटना उच्च न्यायालय ने राजगीर के ऐतिहासिक मलमास मेले के आयोजन में कथित अनियमितताओं से संबंधित एक रिट याचिका की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति राजीव रंजन रॉय की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने मामले का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को नालंदा के जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है।

मलमास मेला बंदोबस्ती पर पटना हाईकोर्ट सख्त

यह मामला राजगीर नगर परिषद द्वारा 6 अप्रैल, 2026 को किए गए निष्पक्ष निपटान से संबंधित है। धमाउली बीघा के निवासी चंद्रकांत ने अधिवक्ता राजू गिरी के माध्यम से उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर निपटान प्रक्रिया को रद्द करने और नए सिरे से बोली लगाने की मांग की।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि Rajgir Nagar Parishad ने नियमों की अनदेखी करते हुए मात्र 7 करोड़ 32 लाख 41 हजार रुपये में प्रतिवादी संख्या 8 से 11 के पक्ष में बंदोबस्ती कर दी। जबकि बोली की शुरुआती राशि ही करीब 7 करोड़ 30 लाख 25 हजार रुपये तय थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसने बाद में 8.32 करोड़ और फिर 9 करोड़ 15 लाख 51 हजार 250 रुपये तक की ऊंची बोली लगाने की पेशकश की थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि सरकारी परिपत्र के अनुसार, पुनः निविदा प्रक्रिया में राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने इसे सरकारी राजस्व का नुकसान बताया।

करोड़ों की बोली पर उठे सवाल

दूसरी ओर, सरकार और नगर परिषद का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता न तो मूल निविदा प्रक्रिया में शामिल था और न ही पुन: निविदा के दौरान उपस्थित था। अब, 17 मई से मलमास मेले के प्रारंभ होने के साथ, अधिक बोली लगाकर पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता नालंदा के जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष एक नया निवेदन दाखिल कर सकता है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि जिला मजिस्ट्रेट सभी संबंधित पक्षों, नगर परिषद और मौजूदा निवासियों की बात सुनने के बाद एक तर्कसंगत आदेश जारी करें। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने रिट याचिका का निपटारा कर दिया। अब इस मामले में अंतिम निर्णय जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर लिया जाएगा।

नालंदा से संजीव कुमार बिट्टु की रिपोर्ट

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