Nishant Kumar Sadbhav Yatra Bihar: आज बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और जेडीयू के सर्वमान्य नेता निशांत कुमार ने अपनी पहली “सद्भाव यात्रा” शुरू की है। निशांत पटना से वाल्मीकिनगर के लिए रवाना होंगे। प्रस्थान से पहले उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
निशांत कुमार की एंट्री से बढ़ी हलचल
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। वे अपने पिता नीतीश कुमार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार के दौरे पर निकले हैं। सद्भाव यात्रा शुरू करने से पहले, निशांत ने जेडीयू कार्यालय का दौरा किया, अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छुए और पश्चिम चंपारण के लिए रवाना होने से पहले उनका आशीर्वाद लिया।
क्या संभालेंगे जेडीयू की कमान?
निशांत कुमार ने नीतीश कुमार की “न्याय के साथ विकास” की नीति को और मजबूत करने तथा अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनकी सादगी, सहजता और समाज के सभी वर्गों से जुड़ने के उनके दृष्टिकोण ने उन्हें अल्पकाल में ही जनता के बीच एक नई उम्मीद के रूप में स्थापित कर दिया है।
#Live: श्री निशांत कुमार जी की “सद्भाव यात्रा” के लिए पटना से प्रस्थान@Nishantjdu #Bihar #NishantKumar #JDU #JanataDalUnited https://t.co/wvpjR7bzoR
— Janata Dal (United) (@Jduonline) May 3, 2026
रवाना होने से पहले, निशांत ने पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने इसे सद्भावना यात्रा नाम दिया है, जिसका अर्थ है सबको साथ लेकर चलना। चाहे अमीर हो, गरीब हो, दलित हो, पिछड़ा हो या अल्पसंख्यक, हमें सबको साथ लेकर चलना होगा। सबके बीच प्रेम और भाईचारे की भावना होनी चाहिए।”
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भी अपना पहला सत्याग्रह चंपारण की धरती से शुरू किया था। मेरे पिता ने अपनी सभी यात्राएँ वहीं से शुरू की थीं, और मैं भी अपनी पहली यात्रा वहीं से शुरू कर रहा हूँ। इस यात्रा का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है। कार्यकर्ताओं से मिलना और उनके विचार सुनना भी सद्भाव यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य है।













