Hemant Cabinet Meeting: सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड सरकार की एक अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधारों, जन-कल्याणकारी योजनाओं और नीतिगत मामलों से जुड़े कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। राज्य सरकार ने इन फैसलों को झारखंड के विकास और लोगों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
Hemant Cabinet Meeting: राज्य हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में अलग-अलग विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, विकास योजनाओं में तेज़ी लाने और राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ देने के मक़सद से कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। कुल 23 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। बैठक में राज्य के विकास, कर्मचारियों के कल्याण, सड़क और सिंचाई परियोजनाओं, माइनिंग सेक्टर और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए गए। इनमें सबसे अहम फ़ैसला उन लोगों के परिवारों को मुआवज़ा देने से जुड़ा था जिनकी जान जंगली जानवरों के हमले में चली जाती है।
कैबिनेट ने फ़ैसला किया है कि जंगली जानवर के हमले में मरने वाले व्यक्ति के आश्रितों को अब ₹10 लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा; पहले यह राशि ₹4 लाख थी। इसके अलावा, गंभीर चोटों के लिए ₹2 लाख और मामूली चोटों के लिए ₹35,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने तुरंत राहत के तौर पर एक लाख रुपये देने का इंतज़ाम भी किया है। झारखंड के कई ज़िलों से हाथियों और दूसरे जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं; इसलिए, प्रभावित परिवारों के लिए इस फ़ैसले को एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा एक अहम फ़ैसला भी लिया गया। नई व्यवस्था के तहत, कर्मचारी 30 दिन के वेतन के बराबर एडवांस सैलरी ले सकेंगे। इस रकम को 2 से 60 महीने की आसान किश्तों में चुकाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि अचानक पैसों की ज़रूरत पड़ने पर यह सुविधा कर्मचारियों के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होगी। इसके अलावा, अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता लाने का फ़ैसला भी किया गया है।
हाथी-भालू के हमले में मौत पर मिलेगा ₹10 लाख
राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है। सड़कों को चौड़ा करने और मज़बूत बनाने के लिए ₹162 करोड़ से ज़्यादा की प्रशासनिक मंज़ूरी दी गई है। इसके अलावा, पलामू के महत्वाकांक्षी अमानत बैराज सिंचाई प्रोजेक्ट की संशोधित लागत को मंज़ूरी मिलने के बाद ₹947 करोड़ से ज़्यादा की राशि मंज़ूर की गई है। सरकार का दावा है कि इन प्रोजेक्ट्स से किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क मज़बूत होगा। सरकार ने माइनिंग सेक्टर में भी अहम फैसले लिए हैं। बोकारो ज़िले में पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए JSW स्टील लिमिटेड को माइनिंग लीज़ देने की मंज़ूरी दी गई है। वहीं, गोड्डा ज़िले में जितपुर कोल ब्लॉक के लिए केरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को माइनिंग लीज़ देने का फ़ैसला किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, कैबिनेट ने JharNet 2.0 प्रोजेक्ट की अवधि को 2026-27 फाइनेंशियल ईयर तक बढ़ाने को मंज़ूरी दी। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के ज़रिए मोटर वाहन निरीक्षकों की भर्ती को भी मंज़ूरी दी गई। साथ ही, कैबिनेट ने गोड्डा और बोकारो कलेक्ट्रेट में अनियमित रूप से नियुक्त कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने और रोहितस्य रॉय को एडवोकेट जनरल नियुक्त करने को भी मंज़ूरी दी।
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