Ranchi Yoga Day 2026: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को रांची यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली कन्वोकेशन हॉल में राज्य-स्तरीय योग दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए, जिनमें स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी; रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ; और रांची के विधायक सीपी सिंह शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान, हजारों लोगों ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया और एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
Ranchi Yoga Day 2026: मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवन जीने का एक बेहतरीन अभ्यास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी को अपनी सेहत के लिए रोज़ाना कम से कम एक घंटा ज़रूर देना चाहिए। योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मज़बूत बनाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। डॉ. अंसारी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की एक अमूल्य धरोहर है, जिसने सदियों से मानव जीवन को स्वस्थ और अनुशासित बनाए रखने में मदद की है। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड सरकार योग को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके प्रचार-प्रसार के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा।
रांची के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि स्वस्थ मन में ही स्वस्थ शरीर का वास होता है और योग दोनों को मज़बूत बनाने का सबसे असरदार ज़रिया है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षकों अर्चना कुमारी, रिया कुमारी और हेमा कुमारी ने प्रतिभागियों को अलग-अलग योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया। इस मौके पर, योगासन के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष विभाग और विभिन्न सरकारी संस्थानों के अधिकारियों के साथ-साथ डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, योग प्रशिक्षक, छात्र और आम जनता सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
रांची समारोह में दिया गया बड़ा संदेश
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि अब पूरी दुनिया योग की ताकत को मानती है। उन्होंने बताया कि अभी 192 देशों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग सिर्फ़ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ती है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन मिला था, जिसके बाद 21 जून 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाया जाने लगा। इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” है। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर ज़ोर दिया गया कि योग न केवल युवाओं के लिए, बल्कि बुज़ुर्गों के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है। प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, ध्यान और योगासनों का नियमित अभ्यास बुढ़ापे से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को कम करने में मदद करता है।
झारखंड में आयुष प्रक्षेत्र के तहत चल रहे 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लगभग 1,000 योग प्रशिक्षक नियमित रूप से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इसके अलावा, राज्य योग केंद्र और स्कूलों में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों में से ‘हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर’ को प्रशिक्षित किया गया है; वे स्कूलों में योग के अभ्यास को बढ़ावा दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. सरोज शर्मा और आयुष निदेशक शशि प्रकाश झा शामिल थे। समारोह का मुख्य संदेश यह था कि योग को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।
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