JPSC JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज़ हो रहा है। विरोध-प्रदर्शन के 12वें दिन यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बन गया। जहाँ एक ओर BJP और AJSU के नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाक़ात कर उनकी मांगों का समर्थन किया, वहीं JLKM प्रमुख जयराम महतो ने घोषणा की कि ज़रूरत पड़ने पर वे छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल करेंगे। इस बीच, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है और छात्रों को न्याय मिलेगा।
JPSC JSSC Protest: बाबूलाल की CBI जांच की मांग
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में BJP और AJSU विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा और लगभग 15 मिनट तक प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की। छात्रों की मांगें सुनने के बाद, बाबूलाल मरांडी ने कहा कि BJP इस लड़ाई में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ खड़ी रहेगी। पूरे मामले की CBI जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC के चेयरमैन, सेक्रेटरी और परीक्षा नियंत्रक को तुरंत उनके पदों से हटाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए।

तिरंगे के सम्मान के साथ न्याय की मांग…
रांची में भारी बारिश के बीच आंदोलनरत छात्रों की विशाल तिरंगा यात्रा इस बात का संदेश है कि झारखंड का युवा JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है।
झामुमो-कांग्रेस सरकार… pic.twitter.com/R4cze3PSXV
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 5, 2026
मरंडी ने आरोप लगाया कि मामला सिर्फ़ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं भी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि 14वीं JPSC परीक्षा, JSSC-CGL और एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती सहित कई परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी थी। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच चल रही है।
जयराम महतो बोले- जरूरत पड़ी तो अनशन करूंगा
इस बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख जयराम महतो ने भी छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द ही कोई समाधान नहीं निकालती है, तो वे खुद छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से छात्रों के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा है, इसलिए इसे राजनीतिक नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी अपील की कि वह बिना किसी देरी के प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत शुरू करे।
वित्त मंत्री बोले-दोषियों को नहीं बख्शेंगे
इस बीच, संसदीय कार्य और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की भावनाओं और चिंताओं के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही जांच CID को सौंप चुके हैं और जांच एजेंसियां इस मामले पर सक्रियता से काम कर रही हैं।
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छात्रों से धैर्य रखने और सरकार पर भरोसा करने की अपील करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जांच पूरी होने पर सच सामने आ जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठा रही है। फिलहाल, JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़ा विवाद झारखंड की राजनीति में सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां विपक्ष सरकार पर दबाव बना रहा है, वहीं सरकार जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रही है। अब सबकी नज़रें जांच के नतीजे और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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