Jharkhand Monsoon Session: झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। पहले दिन की संक्षिप्त कार्यवाही के बाद, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के कक्ष में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर शामिल थे।
Jharkhand Monsoon Session: सरकार-विपक्ष ने बनाई बड़ी रणनीति
बैठक में यह तय किया गया कि भले ही मॉनसून सत्र की अवधि सीमित है, लेकिन अगर JPSC-JSSC भर्ती विवाद, किसानों की चिंताएं या अन्य ज़रूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने की ज़रूरत पड़ती है, तो सदन की कार्यवाही को एक से दो घंटे तक बढ़ाया जा सकता है। इस फ़ैसले का मकसद जनहित के अहम मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा सुनिश्चित करना है।
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने घोषणा की कि चालू वित्त वर्ष का पहला पूरक बजट 7 अगस्त को विधानसभा में पेश किया जाएगा। सदन में बजट पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय तय किया गया है, जिसके दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी बात रखेंगे। सत्र के शेड्यूल के अनुसार, 8 और 9 अगस्त को छुट्टी रहेगी क्योंकि इन दिनों शनिवार और रविवार पड़ रहे हैं। इसके बाद, 10 अगस्त को पहली बैठक में प्रश्नकाल होगा, जबकि दूसरी बैठक में सप्लीमेंट्री बजट पर चर्चा के बाद संबंधित एप्रोप्रिएशन बिल पास किया जाएगा।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का बड़ा फैसला
11 अगस्त को पहले सत्र में प्रश्नकाल होगा, जबकि दूसरे सत्र में सदन में सरकार के कई बिल पेश किए जाएंगे। 12 अगस्त को मॉनसून सत्र का आखिरी दिन होगा जिसमें प्रश्नकाल के साथ-साथ सरकारी बिलों पर चर्चा होगी और प्राइवेट मेंबर के प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे।

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झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि JPSC-JSSC भर्ती विवाद, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, किसानों की समस्याओं और जनहित के अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की उम्मीद है। ज़रूरत पड़ने पर सदन की कार्यवाही का समय बढ़ाने का बिज़नेस एडवाइज़री कमिटी का फ़ैसला यह दिखाता है कि सरकार और विपक्ष, दोनों ही इन अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के पक्ष में हैं। अब सबकी नज़रें सदन में होने वाली आगामी कार्यवाही और बहसों पर टिकी हैं।
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