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Sanskrit Teachers Protest: दरभंगा में संस्कृत शिक्षकों का मौन मार्च, मदन मोहन झा ने दिया समर्थन

बुधवार को दरभंगा ज़िले के अलग-अलग संस्कृत स्कूलों के लगभग 150 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने 'बिहार संस्कृत प्राथमिक-सह-माध्यमिक शिक्षक संघ' (दरभंगा ज़िला इकाई) के बैनर तले शहर में एक शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला। इस जुलूस का मकसद रुकी हुई सैलरी और दूसरी मांगों से जुड़े मुद्दों को उठाना था।

Sanskrit Teachers Protest: दरभंगा में संस्कृत शिक्षकों का मौन मार्च, मदन मोहन झा ने दिया समर्थन
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HIGHLIGHTS

  • वेतन नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन
  • 150 संस्कृत शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन
  • लंबित वेतन पर सरकार से कार्रवाई की मांग
  • MLC मदन मोहन झा ने दिया समर्थन

Sanskrit Teachers Protest: बुधवार को दरभंगा संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लंबित वेतन और अन्य मांगों को लेकर बुधवार को बिहार संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला इकाई दरभंगा के बैनर तले जिले के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के करीब 150 शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने शहर में शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला।

Sanskrit Teachers Protest: लंबित वेतन भुगतान की उठी जोरदार मांग

इस मौन जुलूस का मकसद सरकार और प्रशासन का ध्यान लंबे समय से अटके वेतन भुगतान और अन्य मुद्दों की ओर खींचना था। प्रदर्शनकारियों ने संस्कृत स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की, ताकि शिक्षा व्यवस्था में कोई बाधा न आए।

इस बीच, ज़िला सचिव समीर झा ने कहा कि संस्कृत शिक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना ज़रूरी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह लंबित मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करते हुए तुरंत कार्रवाई करे।

संस्कृत शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन

एसोसिएशन के नेताओं ने साफ़ कर दिया कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी जायज़ मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

इस दौरान, बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य डॉ. मदन मोहन झा भी शिक्षकों के मौन मार्च में शामिल हुए और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को संस्कृत शिक्षकों का बकाया वेतन बिना किसी देरी के जारी करना चाहिए। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनकी मांगों के समर्थन में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ खड़े रहेंगे।

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Shalini Sinha

Shalini Sinha is a Bihar & Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform,Voice over artist And Digital Anchoring Mithila Top.

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