Rugda Mushroom: बारिश का मौसम शुरू होते ही झारखंड के जंगलों में एक ऐसी प्राकृतिक चीज़ मिलती है, जिसका लोग पूरे साल बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। यह है ‘रुगड़ा‘ (या ‘पुटू’) मशरूम, जिसे झारखंड का अनमोल खज़ाना माना जाता है। यह कोई आम मशरूम नहीं, बल्कि एक जंगली खाने योग्य फंगस है जो सिर्फ़ मॉनसून के दौरान साल (Sal) के जंगलों में अपने-आप उगता है। कम मात्रा में मिलने, बेहतरीन स्वाद और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण, रुगड़ा को झारखंड की पारंपरिक खान-पान संस्कृति का अहम हिस्सा माना जाता है।
Rugda Mushroom: क्या है रुगड़ा (पुटू) मशरूम?
रुगड़ा एक जंगली मशरूम है जो मुख्य रूप से झारखंड के साल के जंगलों में बारिश के मौसम में ज़मीन के नीचे अपने-आप उगता है। स्थानीय लोग इसे ‘पुटू’ भी कहते हैं। ऊपर से यह सफ़ेद और गोल दिखता है, लेकिन इसका ज़्यादातर हिस्सा मिट्टी के नीचे होता है; इसे निकालने के लिए मिट्टी को सावधानी से हटाना पड़ता है। यही वजह है कि यह सीमित मात्रा में मिलता है और बाज़ार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है। रुगडा अपने अनोखे और बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर है; कई लोग इसके स्वाद की तुलना चिकन या मटन से करते हैं। पकने के बाद, इसकी बाहरी परत थोड़ी कुरकुरी होती है, जबकि अंदर का हिस्सा नरम रहता है। मॉनसून के मौसम में—जब बहुत से लोग मांस नहीं खाते—रुगडा एक स्वादिष्ट और पौष्टिक शाकाहारी विकल्प के तौर पर काम आता है।
खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
चूंकि रुगड़ा मिट्टी के अंदर उगता है, इसलिए इसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी होता है।
- खरीदते समय एक-दो रुगड़ा काटकर जरूर देखें।
- अंदर का हिस्सा सफेद और ताजा होना चाहिए।
- खराब या सड़े हुए रुगड़ा का उपयोग न करें।
- पकाने से पहले कई बार साफ पानी से धोकर मिट्टी पूरी तरह निकाल दें।
रुगड़ा करी बनाने के लिए सामग्री
- ताजा रुगड़ा (पुटू)
- सरसों या रिफाइंड तेल
- जीरा
- बारीक कटा प्याज
- टमाटर
- हल्दी पाउडर
- धनिया पाउडर
- लाल मिर्च पाउडर (स्वादानुसार)
- नमक
- गरम मसाला
- हरा धनिया
- अदरक-लहसुन का पेस्ट (वैकल्पिक)
सबसे पहले रुगड़ा को अच्छी तरह धोकर बीच से काट लें और हल्का भून लें।
अब, एक पैन में तेल गरम करें और उसमें जीरा डालें। प्याज़ को सुनहरा होने तक भूनें, फिर टमाटर डालें और उनके नरम होने तक पकाएँ। इसके बाद, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें और मसाले के मिश्रण को अच्छी तरह भूनें। आप इस समय अदरक-लहसुन का पेस्ट भी डाल सकते हैं। फिर, भुने हुए रुगड़ा को मसाले में डालें और धीमी आँच पर 5 से 10 मिनट तक पकाएँ। आखिर में, गरम मसाला और ताज़ा हरा धनिया डालकर मिलाएँ और आँच बंद कर दें। गरमा-गरम रुगड़ा करी को रोटी, पराठे या चावल के साथ परोसें और झारखंड के इस पारंपरिक स्वाद का आनंद लें।
Rugda Mushroom:पोषण और परंपरा का अनोखा संगम
रुगडा न सिर्फ़ अपने स्वाद के लिए, बल्कि अपने पोषक तत्वों के लिए भी अहम माना जाता है। मॉनसून के मौसम में, यह झारखंड के ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के खाने का एक मुख्य हिस्सा बन जाता है। कुदरती तौर पर उगने वाला यह मशरूम स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और जंगल की जैव-विविधता का भी एक अहम प्रतीक है।
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