India Japan Summit 2026: गुरुवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जापानी समकक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद, दोनों नेता 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के तहत द्विपक्षीय बातचीत करेंगे, जिसमें रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद सनाए तकाइची की भारत की यह पहली आधिकारिक यात्रा है। वह बुधवार शाम नई दिल्ली पहुंचीं, जिससे देश की उनकी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत हुई।
India Japan Summit 2026: राष्ट्रपति भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर
गुरुवार सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में जापान के प्रधानमंत्री को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ़ ऑनर’ दिया गया। इस मौके पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा भारत और जापान के बीच ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ को और मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
मोदी और ताकाइची के बीच किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सनाए ताकाइची के बीच होने वाली बैठक में दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग को नई दिशा देने पर विचार करेंगे।
वार्ता के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं:
- भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना
- आर्थिक सुरक्षा (Economic Security) में सहयोग बढ़ाना
- निवेश और नवाचार (Investment & Innovation) को प्रोत्साहन
- व्यापार और तकनीकी सहयोग का विस्तार
- क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना
- 150 से अधिक जापानी कंपनियां लेंगी हिस्सा
भारत यात्रा के दौरान जापान-भारत संयुक्त आर्थिक मंच का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें 150 से अधिक जापानी कंपनियों और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस मंच का उद्देश्य दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच निवेश, व्यापार और औद्योगिक सहयोग को नई गति देना है।
इंडो-पैसिफिक और क्वाड पर रहेगा विशेष फोकस
भारत के लिए रवाना होने से पहले टोक्यो में मीडिया से बात करते हुए, सनाए तकाइची ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत-जापान की रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं ज़्यादा अहम हो गई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियमों पर आधारित व्यवस्था को मज़बूत करें। इसी मकसद से, वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ (FOIP) फ्रेमवर्क और ‘क्वाड’ के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगी।
रिश्तों को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद
जापान के प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात से आपसी भरोसा बढ़ाने और उनकी लंबी अवधि की साझेदारी को नई दिशा देने का मौका मिलेगा। जानकारों का मानना है कि इस शिखर सम्मेलन के बाद भारत और जापान के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक सहयोग को लेकर कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं।
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