JPSC 14th PT Result Controversy: झारखंड में 14वीं संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा-2025 के नतीजों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के वरिष्ठ केंद्रीय उपाध्यक्ष और छात्र कार्यकर्ता देवेंद्र नाथ महतो ने राजभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में परीक्षा नतीजों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग की गई है।
JPSC 14th PT Result Controversy: राज्यपाल से मिला JLKM
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि यह मामला सिर्फ़ परीक्षा के नतीजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड के लाखों उम्मीदवारों के भविष्य, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विश्वसनीयता और संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नतीजे घोषित होने के बाद कई गंभीर सवाल उठे हैं, जिनकी वजह से एक स्वतंत्र जांच की ज़रूरत है।
JLKM ने मेमोरेंडम में छह मुख्य मांगें रखीं। इनमें शामिल हैं:
- 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच
- कैटेगरी के हिसाब से कट-ऑफ मार्क्स का खुलासा करना और कमीशन द्वारा जारी नतीजों पर संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर न होने के मुद्दे को हल करना
- सोशल मीडिया पर वायरल हुई OMR शीट की जांच
- जांच पूरी होने तक 18, 19 और 20 जुलाई, 2026 को होने वाली मुख्य परीक्षा को टालना
- उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए डॉक्यूमेंट्स तैयार करने और पढ़ाई करने के लिए पर्याप्त समय देना
- भविष्य की सभी JPSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग
देवेन्द्र नाथ महतो ने साफ़ तौर पर कहा कि JLKM किसी राज्य या किसी उम्मीदवार के ख़िलाफ़ नहीं है। संगठन का संघर्ष सिर्फ़ झारखंड के युवाओं के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना, ज्ञापन स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान रांची जिला अध्यक्ष गुणा भगत, महानगर अध्यक्ष संजय महतो, केंद्रीय सचिव विराट महतो और केंद्रीय संगठन महासचिव मनीष साहू भी मौजूद रहे। अब अभ्यर्थियों की नजर राज्यपाल और JPSC की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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