Homeबिहारझारखंडदेश-विदेशमनोरंजनखेलक्राइमशिक्षाराजनीतिहेल्थराशिफल
---Advertisement---
Advertisement
Ad
---Advertisement---
Advertisement
Ad

Shibu Soren Death Anniversary: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि आज, नेमरा में उमड़ेगा पूरा झारखंड

On: August 3, 2026 8:51 PM
Follow Us:
Shibu Soren Death Anniversary: ​​Today marks the death anniversary of 'Dishom Guru' Shibu Soren; all of Jharkhand is set to converge at Nemra.
---Advertisement---
Advertisement
Ad

Shibu Soren Death Anniversary: आज ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि है जो झारखंड आंदोलन के एक दिग्गज नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और पद्म भूषण से सम्मानित व्यक्ति थे। उनका निधन 4 अगस्त, 2025 को हुआ था। उनके जीवन का संघर्ष और आदिवासी पहचान, जल-जंगल-ज़मीन की सुरक्षा तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

Shibu Soren Death Anniversary: कैसे बने दिशोम गुरु शिबू सोरेन?

रामगढ़ ज़िले के नेमरा गाँव में जन्मे शिबू सोरेन का बचपन बहुत संघर्षों से भरा था। उनका जन्म 11 जनवरी 1944 को शिवचरण माझी के रूप में हुआ था। सिर्फ़ 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता सोबरन माझी को खो दिया, जिनकी हत्या साहूकारों ने कर दी थी। यह घटना उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुई। पिता की मौत और सिस्टम की बेरुखी ने उनमें अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ने का संकल्प जगाया। उन्होंने सशस्त्र संघर्ष के बजाय जन-आंदोलनों का रास्ता चुना और शोषण के ख़िलाफ़ एक लंबी लड़ाई शुरू की।

अपनी किताब झारखंड की समग्रथा में पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो बताते हैं कि शिबू सोरेन के पिता एक सक्रिय कांग्रेसी और गांधीवादी थे, फिर भी उनकी हत्या के बाद कोई भी नेता उनके परिवार के साथ खड़ा नहीं हुआ। इसी घटना ने युवा शिबू सोरेन को सिस्टम के खिलाफ संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। आपातकाल के दौरान भी उनका आंदोलन नहीं रुका। प्रशासन की ओर से उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशों के बावजूद, वे टुंडी और पिरटांड के जंगलों में रहकर आंदोलन का नेतृत्व करते रहे। पोखरिया आश्रम उनके आंदोलन का मुख्य केंद्र बन गया और वहीं लोगों ने उन्हें सम्मानपूर्वक “दिशोम गुरु” की उपाधि दी।

जानिए उनके जीवन का अनसुना सच

सूदखोरों और शोषणकारी साहूकारी व्यवस्था के ख़िलाफ़ उन्होंने जो आंदोलन शुरू किया, वह आगे चलकर झारखंड के लिए अलग राज्य की मांग करने वाले सबसे बड़े जन-आंदोलन में बदल गया। उनके नेतृत्व ने झारखंड की राजनीतिक और सामाजिक पहचान को एक नई दिशा दी। उनके ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए, केंद्र सरकार ने उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया; यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्राप्त किया।

यह भी पढ़ें: Bankipur By Election 2026: बांकीपुर में प्रशांत किशोर की 18,953 वोटों से बड़ी जीत

रामगढ़ ज़िले के नेमरा गाँव में पहली पुण्यतिथि के मौके पर एक खास श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लुकाइयाटांड स्थित सोना सोबरन प्लस-टू हाई स्कूल परिसर में शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद, पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि दी जाएगी। श्रद्धांजलि समारोह में परिवार के सदस्यों जिनमें रूपी सोरेन, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन और कल्पना सोरेन शामिल हैं के साथ-साथ बड़ी संख्या में समर्थक और आम लोग भी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के समापन पर एक विकास मेला और संपत्ति वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे। इस पहली पुण्यतिथि पर, पूरा झारखंड राज्य अपने महान जन-नेता और ‘दिशोम गुरु’, शिबू सोरेन को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

यह भी पढ़ें: Sawan Somwari: बासुकीनाथ और बाबा धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Anjali Singh

Anjali Singh is a distinguished Dhanbad-based journalist and the Sampadak (Editor) of Mithila Top. Covering politics, society, education, and entertainment, she is celebrated for her signature writing style... masterfully translating complex current affairs into lucid, precise, and engaging narratives. Committed to factual accuracy, Anjali remains a trusted, influential, and resonant voice in regional journalism.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Sawan Somwari: Massive influx of devotees at Basukinath and Baba Dham.

Sawan Somwari: बासुकीनाथ और बाबा धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

JPSC Scam News: CID conducts a series of rapid raids from Ranchi to Palamu.

JPSC Scam News: रांची से पलामू तक CID की ताबड़तोड़ रेड

NEET UG 2026 counselling schedule released; find out when registration begins.

NEET UG 2026 काउंसलिंग शेड्यूल जारी, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

JPSC JSSC Protest: Devendranath Mahto begins hunger strike; Congress extends support.

JPSC JSSC Protest: देवेंद्रनाथ महतो की भूख हड़ताल शुरू, कांग्रेस ने दिया समर्थन

Baba Dham Update: Deoghar DC Saurabh Bhuwania takes to the field for the convenience of devotees.

Baba Dham Update: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मैदान में उतरे देवघर DC सौरभ भुवानिया

Baba Dham Yatra: Devotees in Deoghar to view Baba Dham from the air; know the booking process.

Baba Dham Yatra: देवघर में श्रद्धालु हवा से करेंगे बाबा धाम का दर्शन, जानें बुकिंग प्रक्रिया

Mobile Tower Incident: Youth climbs mobile tower amidst JPSC protest.

Mobile Tower Incident: JPSC आंदोलन के बीच युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर

Baba Dham: Crowd monitoring in Deoghar to be done via AI; DC issues strict directives.

Baba Dham: देवघर में AI से होगी भीड़ की निगरानी, DC ने दिए सख्त निर्देश

Deoghar Shravani Mela: Rose water showered on Kanwariyas; record crowds turn out.

Deoghar Shravani Mela: कांवरियों पर गुलाब जल की बारिश, उमड़ी रिकॉर्ड भीड़

Vishva Adivasi Diwas: A grand gathering celebrating tribal culture to be held in Ranchi; find out what the highlights will be.

Vishva Adivasi Diwas: रांची में लगेगा आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ, जानिए क्या होगा खास

Labour Protest: Jairam Mahto joins the JFCI workers' protest.

Labour Protest: JFCI मजदूरों के आंदोलन में पहुंचे जयराम महतो

Vedanta Protest: Jairam Mahto surrenders in the Vedanta agitation case.

Vedanta Protest: वेदांता आंदोलन केस में जयराम महतो ने किया आत्मसमर्पण

Leave a Comment