Bankipur By Election 2026: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने बिहार की राजनीति में एक अहम संदेश दिया है। जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल करके राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं यह सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का गढ़ मानी जाती रही है। इस नतीजे को बिहार में बदलते राजनीतिक रुझानों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
Bankipur By Election 2026: बांकीपुर उपचुनाव में रचा इतिहास
जीत के बाद काउंटिंग सेंटर पर मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकारों को अब शिक्षा और रोज़गार जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकारें जनता की बुनियादी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ करती हैं, तो भविष्य के चुनावों में उन्हें ऐसे ही नतीजों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जनता ने बहुत कम समय में ही एक ऐसे राजनीतिक गढ़ को बदल दिया, जिसे तीन दशकों से मज़बूत माना जाता था। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब विकास, अच्छी शिक्षा और युवाओं के लिए रोज़गार चाहते हैं। उनके अनुसार, जनता सिर्फ़ राजनीतिक नारों से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि ठोस नतीजे देखना चाहती है।
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि राज्य को ऐसे नेता की ज़रूरत है जिसकी छवि साफ़-सुथरी हो और जिसके पास राज्य के विकास के लिए स्पष्ट विज़न हो। उन्होंने कहा कि जनता ऐसा नेतृत्व चाहती है जो बच्चों की शिक्षा, युवाओं के लिए रोज़गार और राज्य की समग्र प्रगति को प्राथमिकता दे।
‘पढ़ाई और रोजगार पर काम करो, नहीं तो यही होगा’
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अगर पार्टी भविष्य में बिहार में मज़बूत बने रहना चाहती है, तो उसे काबिल, ईमानदार और दूरदर्शी नेतृत्व को आगे लाना होगा। उन्होंने सम्राट चौधरी के विकल्प के तौर पर अच्छे चरित्र वाले कुशवाहा नेता को आगे लाने की बात भी कही।

बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि देश के विकास के साथ-साथ बिहार की बुनियादी ज़रूरतों को भी बराबर महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर देश के दूसरे हिस्सों में हाई-स्पीड प्रोजेक्ट लागू किए जा सकते हैं, तो बिहार के लोगों को भी बुनियादी सुविधाएँ मिलनी चाहिए, जैसे कि समय पर चलने वाली यात्री ट्रेनें।
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प्रशांत किशोर ने अपनी जीत को सिर्फ़ एक सीट जीतने की कामयाबी के तौर पर नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य, शिक्षा, रोज़गार और अच्छे शासन के लिए एक लड़ाई के तौर पर बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता इन बुनियादी मुद्दों और लोगों की उम्मीदों को ज़ोर-शोर से उठाना होगी।
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