Navratri Special: शारदीय नवरात्रि के दौरान देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में धार्मिक परंपरा का एक अनूठा रूप देखने को मिलता है। नवरात्रि की सप्तमी से लेकर नवमी तिथि तक मंदिर परिसर में स्थित तीन ‘शक्तिपीठों’ माँ काली, माँ पार्वती और माँ संध्या के मंदिरों में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहती है।
इस कारण, देवियों का आशीर्वाद लेने आने वाले भक्त इन विशिष्ट मंदिरों के भीतर नहीं जा पाते हैं। इसके बजाय, वे इन मंदिरों की देहली पर ही अपना सिर झुकाकर देवियों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।
Navratri Special: चौखट पर माथा टेककर भक्त कर रहे प्रार्थना
नवरात्रि के इन तीन दिनों के दौरान देवी काली, देवी पार्वती और देवी संध्या के मंदिरों में आम भक्तों के प्रवेश पर रोक रहती है। इस व्यवस्था के कारण, भक्त दर्शन के लिए मंदिरों के भीतर नहीं जा पाते हैं। फिर भी भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आती, वे मंदिर की देहरी पर सिर झुकाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं और देवी से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह से रही श्रद्धालुओं की चहल-पहल
रविवार को सुबह से ही स्थानीय श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचने लगे। भक्त बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर आते रहे। इस दौरान, आम श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित कतार खाली रही, जबकि कूपन-आधारित प्रवेश व्यवस्था के जरिए आने वाले भक्तों का तांता लगातार बना रहा।
नवरात्र की परंपरा के अनुसार लागू रहती है व्यवस्था
बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर के भीतर देवी को समर्पित तीन मंदिरों में प्रवेश पर रोक शारदीय नवरात्रि के दौरान निभाई जाने वाली परंपराओं का हिस्सा है। यह प्रथा सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिनों में अपनाई जाती है। इन दिनों, मंदिर आने वाले श्रद्धालु प्रवेश द्वार पर अपना सिर झुकाकर देवी के प्रति अपनी भक्ति और आस्था प्रकट करते हैं।
देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में नवरात्रि के दौरान निभाई जाने वाली परंपरा, भक्तों की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करते हैं, और इस तरह बाबा भोलेनाथ तथा देवी माँ के प्रति अपनी भक्ति प्रकट करते हैं।
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