Bermo Murder Case: झारखंड के बोकारो जिले के बेरमो इलाके में दलित गर्भवती महिला की हत्या के मामले ने राज्य की राजनीति गरमा दी है. इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है. दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं और इस मामले पर अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं दे रही हैं.
BJP ने कांग्रेस विधायक पर साधा निशाना
झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महासचिव और पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि दलित महिला की हत्या बेहद संवेदनशील और चिंताजनक घटना है, जिसमें कोयला माफियाओं की कथित भूमिका सामने आ रही है. बीजेपी का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.
अमर बाउरी ने दावा किया कि भाजपा की ओर से आयोजित बोकारो बंद के बाद प्रशासन ने दबाव में आकर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो भाजपा अपना आंदोलन तेज करेगी. उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि झारखंड में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार अपराध नियंत्रण में विफल हो रही है.
Bermo Murder Case: कांग्रेस ने दिया करारा जवाब
उधर, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीतिक मंशा से प्रेरित बताया है. कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि बीजेपी इस दुखद घटना पर राजनीति कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का कई मामलों में दोषियों को बचाने का इतिहास रहा है और आज वह नैतिकता की बात कर रही है.
कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और तुरंत कार्रवाई की है. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है. राकेश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि अगर जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
कांग्रेस ने बीजेपी से यह भी सवाल पूछा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराने का आधार क्या है. पार्टी का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया और कानून के शासन का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी संवेदनशील मामले का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल बेरमो की इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है. एक तरफ बीजेपी सरकार और प्रशासन पर दबाव बना रही है तो वहीं कांग्रेस निष्पक्ष जांच की बात कर रही है और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा जता रही है. अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं.
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