Jale BDO Manoj Kumar: बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक महिला की मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतका अमृता के परिवार ने जाले प्रखंड के बीडीओ (BDO) मनोज कुमार, उनके परिवार और एक महिला पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि अमृता को लंबे समय तक परेशान किया गया और आख़िरकार उसकी हत्या कर दी गई। हालाँकि, इन आरोपों की जाँच अभी चल रही है और पुलिस सबूत इकट्ठा कर रही है।
Jale BDO Manoj Kumar: महिला दरोगा और परिवार पर गंभीर आरोप
मृतक महिला के भाई राजकुमार का आरोप है कि शादी के बाद से ही अमृता को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। उनका कहना है कि 2024 में, जब अमृता आठ महीने की गर्भवती थीं और उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो समय पर अस्पताल न ले जाए जाने के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। परिवार का यह भी आरोप है कि जनवरी 2026 में हुई कथित मारपीट के दौरान अमृता की रीढ़ की हड्डी में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया था, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर ही रहना पड़ा।
परिवार वालों का यह भी दावा है कि 2025 में कथित तौर पर हुए हमले का CCTV फुटेज सामने आया है। साथ ही, यह भी आरोप है कि इस मामले में शामिल एक महिला पुलिस अधिकारी ने अमृता को धमकी भी दी थी। इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
महिला पुलिस अधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस ने मामले में नामज़द महिला पुलिस अधिकारी को गिरफ़्तार किया था, लेकिन बाद में कोर्ट ने उसे पर्सनल रिकॉग्निज़ेंस (PR) बॉन्ड पर ज़मानत दे दी। इसके बाद, मृतक के परिवार ने जांच पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी माने जा रहे BDO और उनके परिवार के कुछ सदस्य घटना के बाद से ही फरार हैं। जांच टीम मृतक का मोबाइल फोन ढूंढ रही है, जो गायब बताया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस ने एक मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री ज़ब्त की है और उनकी असलियत की पुष्टि के लिए उन्हें फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा है।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट व अन्य सबूतों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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