Birsa Munda Punyatithi 2026: मंगलवार को पूरे झारखंड में ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य के विभिन्न जिलों में लोगों ने उनके संघर्षों, बलिदानों और आदिवासी समुदाय के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के कोकर स्थित बिरसा मुंडा स्मारक स्थल पर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं; उनके संघर्षों ने आदिवासी समुदाय को एक नई दिशा दी और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जन-जागृति को बढ़ावा दिया।
Birsa Munda Punyatithi 2026: जनप्रतिनिधियों ने किया नमन
इस बीच, धनबाद में भी भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। झारखंड विधानसभा के व्हिप और धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने बैंक मोड़ स्थित बिरसा चौक का दौरा किया और नेता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपना पूरा जीवन आदिवासी समुदाय के अधिकारों और आत्म-सम्मान के साथ-साथ जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था। राज सिन्हा ने कहा कि बिरसा मुंडा का बेमिसाल संघर्ष, त्याग, देशभक्ति और सामाजिक चेतना आज भी देश के लोगों को प्रेरित करते हैं। उनके आदर्श समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले लोगों तक न्याय और सम्मान पहुँचाने के प्रयासों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाने और समाज की भलाई के लिए काम करने का भी आह्वान किया। भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के मौके पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा में भी एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। रामनगर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और ‘धरती आबा’ के योगदान को सम्मान दिया।
समाधि स्थल पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
इसके बाद, गुवा सेल के चीफ जनरल मैनेजर चंद्र भूषण कुमार और जनरल मैनेजर प्रवीण कुमार सिंह ने गुआ के बिरसा चौक पर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, आत्म-सम्मान और सामाजिक न्याय का प्रतीक है और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है। भगवान बिरसा मुंडा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान नायकों में से एक हैं, जिन्होंने आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर उनके विचारों और संघर्षों को जन-मानस में जीवंत कर दिया है।
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