Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया है. मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित डिनर डिप्लोमेसी के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (ML) के शीर्ष नेताओं और विधायकों की संयुक्त बैठक हुई.
Jharkhand Rajya Sabha Election: CM आवास पर हुई अहम बैठक
राज्यसभा चुनाव को लेकर यह महागठबंधन की पहली औपचारिक संयुक्त बैठक मानी जा रही है. बैठक में चुनावी रणनीति और दोनों प्रत्याशियों के समर्थन पर चर्चा हुई. बैठक खत्म होने के बाद चारों दलों के नेता एक साथ मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकले और मीडिया को संबोधित कर गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया. मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप यादव, राजद कोटे के मंत्री संजय प्रसाद यादव, झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे और विधायक दल के नेता चंद्रदेव प्रसाद ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और गठबंधन के भीतर कोई दरार या मतभेद नहीं है.
आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में राज्यसभा चुनाव-2026 के मद्देनज़र सत्तारूढ़ गठबंधन के मंत्रीगण एवं विधायकगण के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। pic.twitter.com/P6SxCRQzYe— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 7, 2026
नेताओं ने कहा कि सभी सहयोगी दल मिलकर राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे महागठबंधन के सभी विधायक अपने दोनों उम्मीदवारों के साथ विधानसभा पहुंचेंगे और नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. मुलाकात के दौरान राज्यसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा हुई. हालांकि, झामुमो नेताओं ने उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के संभावित उम्मीदवार बनने से जुड़े सवालों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि यह उनका या बीजेपी का विषय है और इस पर महागठबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयेगी.
CM आवास से दिया एकजुटता का बड़ा संदेश
वहीं, मुख्यमंत्री और परिमल नाथवाणी की हालिया मुलाकात को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर भी नेताओं ने स्थिति स्पष्ट की. झामुमो नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के प्रमुख जन प्रतिनिधि हैं और उनसे कोई भी मिल सकता है. ऐसी बैठकों को राजनीतिक चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की यह बैठक विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश है कि गठबंधन के सभी घटक दल चुनाव को लेकर एकजुट हैं. अब सबकी नजरें सोमवार को होने वाले नामांकन और उसके बाद बनने वाले चुनावी समीकरण पर है, क्योंकि झारखंड की दूसरी राज्यसभा सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं.
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