Keoti News: दरभंगा ज़िले के केवटी प्रखंड मुख्यालय परिसर में 2019 में लगभग ₹76 लाख की लागत से बनी तीन मंज़िला शिक्षा इमारत का अब तक इस्तेमाल नहीं हो पाया है। लंबे समय से इस्तेमाल न होने के कारण इमारत के परिसर में खरपतवार उग आई है और देखरेख न होने से इमारत खुद भी जर्जर होने लगी है। कमरों और बरामदों में गंदगी और मलबा जमा हो गया है, जबकि मुख्य दरवाज़े का ताला भी जंग खा चुका है।
खबर है कि G+2 यानी तीन मंज़िला इमारत शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों के लिए बनाई गई थी। इस इमारत में लगभग अठारह कमरे हैं और यहाँ बिजली, पीने का पानी, शौचालय, पानी का पंप और मीटिंग हॉल जैसी सुविधाएँ भी मौजूद हैं। इसके बावजूद बनने के बाद से इसका नियमित रूप से इस्तेमाल नहीं हुआ है।
Keoti News: शिक्षा भवन या बीआरसी भवन, स्पष्ट नहीं
इस इमारत पर कोई जानकारी देने वाला बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इस वजह से स्थानीय लोगों के बीच इसके मकसद को लेकर साफ़ जानकारी नहीं है, वही कुछ लोग इसे ‘एजुकेशन बिल्डिंग’ कहते हैं, तो कुछ ‘BRC बिल्डिंग’ और कुछ ‘एकेडमिक ट्रेनिंग बिल्डिंग’। स्थानीय लोगों को इस बात की चिंता है कि जनता के पैसे से बनी इतनी अहम इमारत सालों से बेकार पड़ी है। उनका कहना है कि अगर यह इमारत शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों के लिए बनाई गई थी, तो इसे बिना देरी के इस्तेमाल में लाया जाना चाहिए।
पांच किलोमीटर दूर चल रहा बीआरसी कार्यालय
रिपोर्ट्स के अनुसार 2014 से पहले केओटी प्रखंड में दो प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) की व्यवस्था थी। NH-527B के पूर्व और पश्चिम में स्थित स्कूलों के लिए अलग-अलग अधिकारी जिम्मेदार थे। बाद में एक ही BEO वाली व्यवस्था लागू की गई। खबर है कि BRC ऑफिस अपनी शुरुआत से ही खिरमा पाथरा स्कूल परिसर की एक बिल्डिंग से चल रहा है।प्रखंड मुख्यालय परिसर में बनी एक बिल्डिंग में BRC ऑफिस, BEO ऑफिस और एकेडमिक ट्रेनिंग की गतिविधियां चलाने का प्लान था। हालांकि, अभी BRC ऑफिस खिरमा पाथरा में चल रहा है, जो हेडक्वार्टर से लगभग पांच किलोमीटर दूर है।
अधिकारियों और विधायक ने क्या कहा?
पंचायती राज अधिकारी-सह-BEO क्रुणाल कुमार ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, जिस इमारत की बात हो रही है, वह ‘शिक्षा भवन’ है और इसे शैक्षिक प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों के लिए तय किया गया है। वहीं, BDO कृष्णा कुमारी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पद संभाला है और उनके पास इस इमारत के बारे में पूरी जानकारी नहीं है; हालांकि, जब यह मामला औपचारिक रूप से उनके ध्यान में लाया जाएगा, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने इस इमारत की पहचान BRC के तौर पर की। उन्होंने बताया कि इसे अब तक इस्तेमाल में क्यों नहीं लाया गया है, इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से बात की जा रही है।
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