Malviya Nagar Fire: बुधवार सुबह दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक होटल-रेस्तरां में लगी भीषण आग ने राजधानी को दहला दिया। हौज रानी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में लगी यह आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई, जिससे पूरे परिसर में दहशत फैल गई। इस घटना में कई लोगों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की खबर है। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाए गए।
Malviya Nagar Fire: प्रशासन ने शुरू की जांच
खबरों के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन सेवा को सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली। तुरंत ही कई दमकल वाहन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। आग इतनी तेजी से फैली कि होटल और रेस्तरां में फंसे लोगों के पास बचने का कोई मौका नहीं था। कई लोग धुएं में फंस गए, जबकि अन्य ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों और खिड़कियों से छलांग लगा दी।
दमकलकर्मियों और राहत एजेंसियों ने बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। घायलों को सीएटीएस एम्बुलेंस की मदद से तुरंत पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाने में काफी समय लगा क्योंकि धुआं और लपटें इमारत के कई हिस्सों में फैल गई थीं।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग भूतल पर स्थित एक रेस्तरां में लगी थी। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
एसडीएम और डीडीएमए के अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन संचालन केंद्र सक्रिय कर दिया गया। सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। बचाव अभियान के दौरान, तहखाने और ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाए गए।
PM मोदी ने जताया दुख
इस दुखद दुर्घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और घायलों के उपचार की प्रक्रिया में तेजी ला दी है।
मालवीय नगर में लगी आग ने दिल्ली की राजधानी में व्यावसायिक इमारतों की अग्नि सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई होटल और रेस्तरां सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस घटना के लिए लापरवाही, तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जिम्मेदार था।
दिल्ली में लगी इस आग की घटना को हाल के वर्षों में राजधानी की सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसने लोगों को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों के बारे में पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
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