Patna Book Fair: सोमवार को बुक फेयर का मेन स्टेज ‘Our Heroes’ प्रोग्राम के तहत महिला एथलीटों को डेडिकेट किया गया। इंटरनेशनल आर्चर और NIS कोच अंजलि, इंटरनेशनल शूटर और बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी की कर्मचारी मीरा, नेशनल कबड्डी प्लेयर रेमी सिंह, इंटरनेशनल फुटबॉलर श्यामा रानी और इंडियन सेपकटकरा टीम को रिप्रेजेंट करने वाली श्यामा रानी ने अपने स्पोर्ट्स के सफर और ज़िंदगी के संघर्षों को शेयर किया। प्रोग्राम को डॉ. मोनी त्रिपाठी ने सक्सेसफुली कंडक्ट किया।
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प्लेयर्स का इंट्रोडक्शन देते हुए उन्होंने कहा कि ये वो महिलाएं हैं जिन्होंने समाज की खूबसूरती से संघर्ष का रास्ता चुना और ज़िंदगी में सफलता हासिल की। अपने सफर को शेयर करते हुए श्यामा ने कहा, “मुझे स्पोर्ट्स में अपने परिवार से बहुत सपोर्ट मिला। हालांकि, समाज में लोग मेरे परिवार को ताना मारते थे। फिर भी, मैं डटी रही।” इन प्लेयर्स ने बताया कि जब पांच लोग सपोर्ट करते हैं, तो दस लोग विरोध करते हैं। हालांकि, आगे बढ़ने के लिए लड़कियों को समाज की पुरानी सोच से बाहर निकलना होगा। सिस्टम की बात करें तो, सरकार ने अब ध्यान देना शुरू कर दिया है, और कई स्पोर्ट्स फैसिलिटी मिल रही हैं। डॉ. मोनी त्रिपाठी ने बताया कि सरकार ने “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” नाम की एक स्कीम भी शुरू की है। खिलाड़ियों ने दर्शकों के कई सवालों के जवाब भी दिए।
Patna Book Fair: ड्रग्स को ना कहें और ज़िंदगी को हाँ कहें
बुक फेयर में एक स्ट्रीट प्ले भी हुआ। पटना ज़िले के NSS के नोडल ऑफ़िसर अजय कुमार के डायरेक्शन में ज़ेवियर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने “ड्रग्स को ना कहें और ज़िंदगी को हाँ कहें” नाम का एक स्ट्रीट प्ले पेश किया, जिसमें आजकल के रोज़मर्रा के कामों और खाने-पीने की आदतों और नशे के खिलाफ लड़ाई पर फोकस किया गया। अजय कुमार ने कहा कि स्ट्रीट प्ले समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं। बच्चों ने ऐसे कई प्रोग्राम में हिस्सा लिया है। पंचायत वेब सीरीज़ में माधव का रोल करने वाले एक्टर बुल्लू कुमार ने बताया कि उनका पहला प्ले, जो एक स्ट्रीट प्ले था, बुक फेयर में दिखाया गया। उन्होंने नए एक्टर्स से कड़ी मेहनत करने और जुड़े रहने की अपील की।
Patna Book Fair: हुनरमंद बनकर आगे बढ़ेंगे।
बुक फेयर के कश्यप प्लेटफॉर्म पर ज्ञान और गुरुकुल सेशन में 21वीं सदी में बिहार के एजुकेशन सिस्टम पर चर्चा हुई। स्पीकर थे बिहार के हायर एजुकेशन डायरेक्टर प्रो. एन.के. अग्रवाल और इकोनॉमिस्ट डॉ. सुधांशु कुमार। सेशन को नीलेश कुमार ने सक्सेसफुली मॉडरेट किया। प्रो. एन.के. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार एजुकेशन में क्वालिटी सुधारने की दिशा में काम कर रही है। एजुकेशन का मकसद सिर्फ जॉब देना नहीं है, बल्कि बेहतर नागरिक बनाना भी है। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत सरकार स्किल सर्टिफिकेट ला रही है, जिससे ग्रेजुएट्स को स्किल वाले कोर्स के ज़रिए मार्केट में नौकरी मिल सकेगी। डॉ. सुधांशु कुमार ने यह भी कहा कि किसी भी एजुकेशन के लिए फंडिंग सरकार के लिए कोई प्रॉब्लम नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हायर एजुकेशन को बेहतर बनाने के लिए सरकार को एक बेहतर विजन की ज़रूरत है, ताकि यह पक्का हो सके कि कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद सभी स्टूडेंट्स का भविष्य बेहतर हो सके। नई एजुकेशन पॉलिसी में इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
















