Rajya Sabha Election Jharkhand: झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव का मुकाबला दिन-ब-दिन और भी दिलचस्प होता जा रहा है। दोनों राज्यसभा सीटों के लिए राजनीतिक दल अपनी रणनीति और दांव-पेच तेज कर रहे हैं। इसी बीच, झारखंड से दो बार के निर्दलीय राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी ने दोबारा चुनाव लड़ने की घोषणा करके राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र खरीद लिए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, झारखण्ड के राज्यसभा की दो सीटों के लिए अब तक छह नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं। इनमें कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) उम्मीदवार बैजनाथ राम, परिमल नाथवानी, भाजपा से चर्चित नाम गौरव वल्लभ, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पूर्व सांसद वी. विजयसाई रेड्डी और रवि कुमार यादव उर्फ रवि पीटर शामिल हैं।
कांग्रेस और जेएमएम ने उम्मीदवारों की घोषणा
कांग्रेस ने प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बैजनाथ राम को मैदान में उतारा है। हालांकि जेएमएम ने पहले दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर चर्चा की थी, लेकिन पार्टी ने फिलहाल केवल एक ही उम्मीदवार की घोषणा की है। इससे राजनीतिक अटकलों को और हवा मिल गई है।
परिमल नथवानी की वापसी पर सबकी निगाहें क्यों टिकी हैं?
परिमल नथवानी झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। लंबे समय से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे झारखंड से राज्यसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि नथवानी पर्याप्त समर्थन मिलने तक चुनाव मैदान में नहीं उतरना चाहते थे।
ऐसी भी चर्चा है कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सकारात्मक संकेत की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब जबकि उन्होंने अपना नामांकन पत्र खरीद लिया है, सवाल उठते हैं कि क्या उन्हें सत्ताधारी गठबंधन के एक वर्ग का समर्थन प्राप्त है या फिर कोई अलग राजनीतिक रणनीति अपनाई जा रही है।
भाजपा की चुप्पी से सस्पेंस और बढ़ा
भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। इसी वजह से राजनीतिक विश्लेषक भाजपा की रणनीति को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 2014 की तरह इस बार भी भाजपा किसी निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर सकती है।
ऐसी चर्चा है कि भाजपा परिमल नथवानी का समर्थन कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भाजपा के शीर्ष नेताओं की लगातार बैठकों और उम्मीदवार के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं ने इस मामले में सस्पेंस को और बढ़ा दिया है।
विधानसभा के आंकड़े क्या कहते हैं?
झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होगी।
वर्तमान में, इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इनमें से 34 झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) , 16 कांग्रेस, 4 आरजेडी और 2 सीपीआई (एमएल) के हैं। वहीं, विपक्ष के पास कुल 25 विधायक हैं, जिनमें से 21 भाजपा के और एक-एक एजेएसयू, जेडीयू, एलजेपी और जेएलकेएम के हैं।
गणितीय गणनाओं के अनुसार, जेएमएम अकेले दम पर एक सीट जीत सकती है और उसे छह अतिरिक्त वोट प्राप्त हैं। हालांकि, दूसरी सीट के लिए समीकरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। आरजेडी और सीपीआई (एमएल) ने भी अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।है।
Rajya Sabha Election Jharkhand: चुनावी मुकाबला दिलचस्प
राज्यसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही झारखंड की राजनीति में सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। परिमल नथवानी की एंट्री, भाजपा की रणनीतिक चुप्पी और गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 2014 की तरह इस बार भी कोई स्वतंत्र उम्मीदवार राज्यसभा पहुंच पाएगा, या फिर राजनीतिक दल अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने में सफल होंगे। आने वाले दिनों में नामांकन और समर्थन के समीकरण ही इस चुनाव की दिशा तय करेंगे।
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