Bihar News: कदमकुआं निवासी एवं पत्रकारिता संस्थानों में करीब 21 वर्षों से अधिक समय से शैक्षणिक कार्यों में सक्रिय रहे प्रो. ( डॉक्टर) मनोज दयाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में कुलपति का पद ग्रहण कर लिया है। नियुक्ति के संबंध में लोकभवन, छत्तीसगढ़ की ओर से आधिकारिक सूचना भी जारी की गई है।
शुक्रवार की सुबह प्रो. मनोज दयाल ने वैदिक रीति से पूजा-अर्चना कर कुलपति, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर का कार्य दायित्व ग्रहण किया। रायपुर के संभागायुक्त महादेव कावरे आईएएस निवर्तमान कुलपति को पुष्प गुच्छ भेंट कर विदाई दी गई। विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए उनके योगदानों के प्रति कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने आभार प्रदर्शित किया। अद्भुत संगठन शिल्पी, त्याग और सादगी की प्रतिमूर्ति और विश्वविद्यालय के प्रेरणास्त्रोत श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने प्रशासनिक एवं अकादमिक कार्यों की समीक्षा प्रारंभ किया।
रेडियो पर भेजी शुभकामना
सर्वप्रथम उन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का सादर-आभार प्रदर्शित किया। प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का परिचय प्राप्त किया। प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने ग्रंथालय में रिसर्च एवं पीजी विद्यार्थियों से मुलाकात की। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन- रेडियो संवाद 90.8 एफएम में प्रो. दयाल ने शुभकामना संदेश रिकार्ड किया।
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उन्होंने टेलीविजन स्टूडियों एवं संकाय भवनों का निरिक्षण किया। प्रो. दयाल ने विभिन्न विभागों में संचालित पाठ्यक्रमों की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक गण, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने कुलपति का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
काफी अनुभवी है प्रो. दयाल
प्रोफेसर मनोज दयाल काफी अनुभव प्राप्त शिक्षक है। इनका जन्म सन 1965 में हुआ था। बीते 21 वर्षों से पत्रकारिता शिक्षण में वे अपना सक्रिय योगदान करते आ रहे हैं। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार हरियाणा के अब्दुल कलाम सेंटर ऑफ एनसीएंट इंडियन साइंस के डायरेक्टर एवं मानविकी एवं समाजशास्त्र के मास कम्युनिकेशन में चेयरपर्सन और प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवा दे चुके हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ बिहार (सीयूएसबी) गया में भी बतौर सीनियर प्रोफेसर कार्य कर चुके हैं। इनके मार्गदर्शन में कई छात्र रिसर्च वर्क कर चुके हैं। कई वर्कशॉप एवं सेमिनार भी अटेंड कर चुके हैं।
शंभू कांत सिन्हा












