Jharkhand Utpad Sipahi: एक बार फिर, झारखंड में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 में पेपर लीक की खबरों के बाद छात्रों में भारी आक्रोश है। रिपोर्टों के अनुसार, यह परीक्षा (विज्ञापन संख्या 06/2023) जो लंबे अंतराल के बाद आयोजित की गई थी। 12 अप्रैल, 2026 को निर्धारित थी। हालाँकि, परीक्षा से ठीक एक दिन पहले विशेष रूप से 11 अप्रैल की रात से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप ग्रुप और विभिन्न समाचार माध्यमों पर प्रश्न पत्र लीक होने की शिकायतें सामने आने लगीं।
देवेंद्र नाथ महतो ने CBI जांच की मांग उठाई
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, नेता देवेंद्र नाथ महतो जो JLKM के केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं इस मुद्दे को उठाने के लिए सीधे JSSC कार्यालय पहुँचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग होटलों में हजारों उम्मीदवारों को ठहराए जाने की खबरें थीं। इसके अतिरिक्त, ऐसी रिपोर्टें भी सामने आई हैं कि तमाड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 160 लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटनाओं के इस पूरे क्रम ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है। पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाएँ झारखंड के मेहनती और मेधावी छात्रों के आयोग पर रखे गए भरोसे को धीरे-धीरे खत्म कर रही हैं।
छात्रों के हित में, देवेंद्र नाथ महतो ने आयोग के समक्ष तीन प्रमुख माँगें रखी हैं:
- उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 से संबंधित पेपर लीक की घटना की CBI जाँच कराई जानी चाहिए।
- परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए और उसके बाद इसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुनः आयोजित किया जाना चाहिए।
- प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए जिम्मेदार एजेंसी के साथ-साथ इसके मुद्रण, भंडारण, परिवहन और वितरण में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जाँच शुरू की जानी चाहिए।
उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि इन माँगों के संबंध में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर देवेंद्र नाथ महतो के साथ रविंद्र नाथ महतो, योगेश चंद्र भारती, अजीत कुमार और राजेश कुमार सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।
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Jharkhand Utpad Sipahi: प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की
वही उत्पाद सिपाही पेपर लीक को लेकर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने कहा नहीं हुआ कोई पेपर लीक, वक्त रहते हुई हैं कार्रवाई कई लोगों को किया गया हैं गिरफ्तार। रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान जांच में पेपर लीक जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। आयोग की ओर से भी पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हिरासत में लिए गए लोगों के पास से एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।
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