Darbhanga Congress News: दरभंगा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आम जनता से सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए “‘गांव चलो अभियान” शुरू किया। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस कार्यालय में किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह राष्ट्रव्यापी और राज्य स्तरीय अभियान हर गांव में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है।
Darbhanga Congress News: जनता से सीधे संवाद पर जोर
30 मई से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत, प्रत्येक गाँव में एक “ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी” और शहरी क्षेत्रों में एक “वार्ड कांग्रेस कमेटी” का गठन किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। सदस्यता प्रक्रिया डिजिटल और पारंपरिक दोनों माध्यमों से पूरी की जाएगी ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
सदस्यता अभियान के दरभंगा प्रभारी रजनीकांत पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का संगठन निर्माण अभियान जारी है और पार्टी ही समाज के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध एकमात्र राजनीतिक शक्ति है। उन्होंने बताया कि सदस्यता अभियान पिछले 20 दिनों से चल रहा है और अब पार्टी गांवों की ओर रुख कर रही है।
रजनीकांत पाठक ने कहा कि राहुल गांधी पर लोगों का भरोसा बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। इसके लिए कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क साधेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ सदस्यता तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनसंपर्क के दौरान आम लोगों की समस्याओं को भी सुनेगी।
चुनाव प्रचार के दौरान किसानों की समस्याओं, एमएनआरईजीए, महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों की कमियों जैसे मुद्दों को जनता के समक्ष उठाया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा जनहित के मुद्दों के लिए संघर्ष किया है और आगे भी करती रहेगी।
संगठन मजबूत करने की तैयारी
कांग्रेस का मानना है कि ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत किए बिना राजनीतिक शक्ति हासिल करना असंभव है। यही कारण है कि पार्टी अब जनता तक सीधे पहुंचने और अपनी विचारधारा और नीतियों का प्रचार-प्रसार करने की रणनीति पर काम कर रही है। बिहार में आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए कांग्रेस इस अभियान को बेहद महत्वपूर्ण मानती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस अभियान को बिहार में कांग्रेस संगठन को सक्रिय करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह देखना बाकी है कि इस अभियान से पार्टी को कितना राजनीतिक लाभ मिलता है।
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