Jharkhand Political News: झारखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता चंपई सोरेन को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के युवा नेता ब्रह्मदेव पासवान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है.
Jharkhand Political News: BJP में हुआ पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान
ब्रह्मदेव पासवान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल चंपई सोरेन ने अपना जीवन अलग राज्य आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने कहा कि जब चंपई सोरेन झामुमो में थे तो उन्हें ‘टाइगर’ की पहचान, मुख्यमंत्री का पद और पूरा सम्मान मिला.
युवा नेता ने एक राजनीतिक कार्यक्रम की तस्वीर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की बैठक में मंच पर अन्य नेता कुर्सियों पर बैठे दिखे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पीछे खड़े दिखे. उन्होंने इसे चंपई सोरेन और उनके समर्थकों के सम्मान से जोड़ते हुए सवाल उठाया.
झारखंड की माटी के एक बड़े नेता, जिन्होंने अलग राज्य आंदोलन में अपनी जवानी खपा दी, आज उनकी स्थिति देखकर दुःख होता है। जब चंपई सोरेन जी झारखंड मुक्ति मोर्चा में थे, तो उन्हें ‘टाइगर’ का दर्जा मिला, मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली और पूरा सम्मान मिला।
लेकिन आज बीजेपी की इस बैठक की… pic.twitter.com/sx2EBZSUeC
— Brahmdeo Paswan (@iBrahmdeoPaswan) June 6, 2026
ब्रह्मदेव पासवान ने अपने बयान में कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि उन लोगों की भावनाओं का मामला है जो चंपई सोरेन को अपना नेता मानते हैं. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि क्षेत्रीय नेताओं का इस्तेमाल सिर्फ चुनावी राजनीति के लिए किया जाता है.
चंपई सोरेन का अपमान झारखंड का अपमान- ब्रह्मदेव पासवान
हालांकि, इस सोशल मीडिया पोस्ट और आरोपों पर बीजेपी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच इस तरह के बयान झारखंड की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं.
गौरतलब है कि चंपई सोरेन की गिनती झारखंड की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में होती है और उन्होंने राज्य आंदोलन से लेकर सरकार तक में सक्रिय भूमिका निभाई है. ऐसे में उनके सम्मान और राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा अक्सर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन जाती है. फिलहाल ब्रह्मदेव पासवान की इस टिप्पणी के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें बीजेपी की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं.
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