Narsarai Treatment: आँख की फुंसी, जिसे ‘स्टाई’ (या कुछ इलाकों में ‘नार सराई’) कहा जाता है, पलक पर होने वाली एक आम लेकिन दर्दनाक समस्या है। यह आमतौर पर बैक्टीरिया के इन्फेक्शन की वजह से होती है, जिससे पलक के किनारे पर लाल, सूजी हुई और छूने पर दर्द करने वाली गांठ बन जाती है। हालाँकि यह आमतौर पर गंभीर नहीं होती और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन सही देखभाल से दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है।
Narsarai Treatment: गर्म सिकाई सबसे असरदार उपाय
नार सराई को जल्दी ठीक करने का सबसे आसान और असरदार तरीका है गर्म सिकाई करना। एक साफ़ सूती कपड़े को गर्म पानी में भिगोएँ, उसका पानी निचोड़ लें और उसे प्रभावित आँख पर 10 से 15 मिनट तक रखें। इस प्रक्रिया को दिन में 3 से 4 बार दोहराएँ। गर्म सिकाई से नार सराई में जमा मवाद बाहर निकल जाता है और सूजन कम होती है। अगर आपको आँख में तेज़ दर्द या बेचैनी महसूस हो, तो आप डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट की सलाह पर आइबुप्रोफ़ेन या पैरासिटामोल जैसी दवाएँ ले सकते हैं। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी आई ड्रॉप या एंटीबायोटिक का इस्तेमाल न करें।
मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस से दूरी बनाएं
अगर आपको नार सराई हुई है, तो आपको आँखों का मेकअप करने या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचना चाहिए। ऐसा करने से इन्फेक्शन बढ़ सकता है और आँखों में जलन या सूजन हो सकती है। कई लोग जल्दी राहत पाने के लिए फुंसी को दबाते या फोड़ते हैं, जो बहुत खतरनाक हो सकता है। इससे इन्फेक्शन आँख के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है। अपनी आँखों को बार-बार छूने से बचें और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएँ। साफ़-सफ़ाई बनाए रखने से संक्रमण फैलने का ख़तरा कम हो जाता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर 7 से 10 दिनों में नार सराई ठीक न हो, सूजन बहुत बढ़ जाए, देखने में दिक्कत होने लगे, या तेज़ दर्द और बुख़ार हो, तो तुरंत किसी आँख के डॉक्टर से मिलें। सही देखभाल और नियमित रूप से गर्म सिकाई करने पर, आँख की ज़्यादातर नार सराई एक हफ़्ते में ठीक हो जाती हैं। इसलिए, घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं बरतनी चाहिए।
यह भी पढ़ें:





















