Naxal Surrender Jharkhand: झारखंड पुलिस को नक्सल-विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। ‘नवजीवन-II’ ऑपरेशन के तहत, मंगलवार को प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) से जुड़े 16 सक्रिय नक्सलियों ने झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर किया। सरेंडर करने वालों में संगठन के अलग-अलग स्तरों के कमांडर और स्क्वाड सदस्य शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सरेंडर के समय नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को 11 आधुनिक हथियार, 38 मैगज़ीन और 1,562 ज़िंदा कारतूस भी सौंपे।
Naxal Surrender Jharkhand: 16 माओवादियों ने हथियारों समेत किया सरेंडर
झारखंड DGP तदाशा मिश्रा ने बताया कि झारखंड पुलिस, CRPF, CoBRA बटालियन और झारखंड जगुआर की ओर से लगातार चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों से माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, राज्य सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति के कारण कई नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
सरेंडर करने वाले 16 नक्सलियों में 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं। इनमें एक रीजनल कमिटी मेंबर (RCM), तीन ज़ोनल कमिटी मेंबर (ZCM), तीन सब-ज़ोनल कमिटी मेंबर (SZCM), छह एरिया कमिटी मेंबर (ACM) और तीन स्क्वाड मेंबर शामिल हैं। ये सभी कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगलों में सक्रिय थे और बताया जाता है कि ये संगठन के बड़े नेताओं मिसिर बेसरा (उर्फ़ सागर जी) और असीम मंडल के स्क्वाड से जुड़े हुए थे।
पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वालों में रीजनल कमांडर संतोष (उर्फ़ वासुदेव दा) शामिल हैं, जिन पर ₹15 लाख का इनाम था; चंदन लोहरा, जिन पर ₹10 लाख का इनाम था; और अनिल तुरी व सुखलाल बिरजिया, जिन पर ₹5-5 लाख का इनाम था। इसके अलावा, कई अन्य सक्रिय कमांडर और महिला कैडर ने भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फ़ैसला किया है।
AK-47 और INSAS समेत 11 हथियार किए सरेंडर
CRPF IG साकेत सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ में उसी स्क्वाड के आठ और नक्सलियों ने भी सरेंडर किया है। पुलिस के अनुसार, 2026 में अब तक बड़ी सफलताएँ मिली हैं, जिनमें 93 नक्सलियों की गिरफ्तारी, 45 का सरेंडर और 22 का मारा जाना शामिल है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने पुलिस को कुल 11 हथियार सौंपे, जिनमें 6 INSAS राइफलें, 2 AK-47, 1 HK-33 राइफल, 1 US कार्बाइन और 1 M-16 राइफल शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह कामयाबी नक्सली संगठन की कमजोर होती पकड़ को दर्शाती है। झारखंड पुलिस ने बाकी सक्रिय नक्सलियों से भी हिंसा छोड़ने, सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।
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