Bihar Cabinet News: बिहार कैबिनेट ने विकास की गति को तेज़ करने और अलग-अलग सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए कई अहम फ़ैसलों को मंज़ूरी दी है। आज के इस कैबिनेट मीटिंग (Bihar Cabinet ) में कुल 27 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। इन फ़ैसलों में इंडस्ट्री, सड़क, शिक्षा, बिजली, स्वास्थ्य, शहरी विकास और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अहम प्रस्ताव शामिल हैं। मुख्य घोषणाओं में बेगूसराय में 700 एकड़ में फैले इंडस्ट्रियल एरिया का विकास और सीतामढ़ी में ₹110 करोड़ से ज़्यादा की लागत से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है।
Bihar Cabinet News: 700 एकड़ में बनेगा बेगूसराय में इंडस्ट्रियल एरिया
कैबिनेट ने बेगूसराय के बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित लगभग 700 एकड़ ज़मीन को उद्योग विभाग को सौंपने की मंज़ूरी दे दी है। इस ज़मीन पर एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे ज़िले में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों के लिए ज़मीन उपलब्ध होगी और भविष्य में निवेश तथा रोज़गार के मौकों को बढ़ावा मिल सकता है। सीतामढ़ी ज़िले में परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग नंबर 56 की जगह एक रोड ओवर ब्रिज (ROB) बनाने की योजना को मंज़ूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹110.42 करोड़ है, जिसमें राज्य सरकार लगभग ₹100.50 करोड़ और रेलवे ₹9.93 करोड़ का योगदान देगा।
मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के लिए अरवल में 25 एकड़ जमीन
अरवल ज़िले के करपी अंचल में स्वास्थ्य विभाग को 25 एकड़ ज़मीन स्थायी रूप से सौंपने का फ़ैसला किया गया है। इस ज़मीन पर एक सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाने का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट के आगे बढ़ने पर, इलाके में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के मज़बूत होने की उम्मीद है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पांच साल और जारी
छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की बात है कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 2026-27 से 2030-31 वित्तीय वर्ष तक जारी रखने की मंज़ूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत ₹4 लाख तक का एजुकेशन लोन देने की सुविधा जारी रहेगी। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत, राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए 2026-27 से 2030-31 के वित्तीय वर्षों की अवधि के लिए कुल ₹9,169 करोड़ की राशि बेसिक और परफॉर्मेंस ग्रांट के तौर पर आवंटित की गई है। इस राशि में विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर कंपोनेंट और शहरीकरण प्रीमियम के तहत पटना नगर निगम के लिए तय फंड भी शामिल है।
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राजधानी पथ और पशुपालन से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी
नई राजधानी पथ परियोजना के तहत डाकबंगला क्रॉसिंग से रुकनपुरा तक नेहरू पथ को चौड़ा करने की मंज़ूरी मिल गई है, इसकी अनुमानित लागत लगभग ₹39.80 करोड़ है। इसके अलावा, ‘सात निश्चय-3’ (Seven Resolves-3) के तहत ‘बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी संघ’ और उससे जुड़ी योजना को मंज़ूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत तीन वित्तीय वर्षों में ₹14.79 करोड़ होगी। ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत मादा बछड़ों (गाय और भैंस) के पालन-पोषण केंद्र की स्थापना के लिए ₹73.47 करोड़ की परियोजना को भी मंज़ूरी दी गई है।
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बिजली और शहरी विकास पर भी जोर
सिवान के मैरवा में ग्रिड सब-स्टेशन के लिए 7.44 एकड़ ज़मीन के ट्रांसफर को मंज़ूरी मिल गई है; इसके लिए ₹3.15 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। साथ ही, मुज़फ़्फ़रपुर के गायघाट में 132/33 kV ग्रिड सब-स्टेशन के लिए 3.15 एकड़ ज़मीन के बदले ₹1.98 करोड़ के भुगतान को भी मंज़ूरी दे दी गई है। इसके अलावा, कई प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई है, जैसे कि बिहार म्यूज़ियम और पटना म्यूज़ियम के संचालन के लिए ₹40 करोड़ की आर्थिक मदद; पूर्णिया और गया में दिव्यांगों के लिए 50-50 की क्षमता वाले दो नए ‘आसरा गृह’ (शेल्टर होम); ई-कैबिनेट सिस्टम के लिए ₹2.75 करोड़; और मुख्यमंत्री की व्यापक शहरी विकास योजना को 2030-31 तक जारी रखना।
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