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Ramphal Mandal: रामफल मंडल को शहीद का दर्जा देने की मांग तेज

मिथिला के वीर सपूत और महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद रामफल मंडल को शहीद का उचित दर्जा और सम्मान दिलाने की मांग अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले रही है। इस मांग को लेकर, मिथिला स्टूडेंट यूनियन और धनुक समुदाय से जुड़े प्रतिनिधि जुगनू मंडल पिछले 11 दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

Ramphal Mandal: रामफल मंडल को शहीद का दर्जा देने की मांग तेज
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Ramphal Mandal: मिथिला के वीर सपूत और महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद रामफल मंडल को शहीद का उचित दर्जा और सम्मान दिलाने की मांग अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले रही है। इस मांग को लेकर, मिथिला स्टूडेंट यूनियन और धनुक समुदाय से जुड़े प्रतिनिधि जुगनू मंडल पिछले 11 दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि रामफल मंडल ने देश की आज़ादी के लिए सिर्फ़ 19 साल की उम्र में सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह दुखद है कि ऐसे बहादुर स्वतंत्रता सेनानी को अब तक उचित सम्मान या शहीद का दर्जा नहीं मिला है। संगठन की मांग है कि सरकार तुरंत इस ऐतिहासिक मामले को गंभीरता से ले और रामफल मंडल को शहीद का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू करे।

जुगनू मंडल के समर्थन में राजेश मंडल, आदित्य मंडल और मुरारी मंडल भी उनके धरने में शामिल हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण जुगनू मंडल की हालत बिगड़ रही है, और यह हड़ताल अब ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इसलिए, सरकार से अपील की गई है कि वह तुरंत हस्तक्षेप करे, प्रदर्शनकारियों से बातचीत करे और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले।

Ramphal Mandal: राज्यपाल और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि वीर रामफल मंडल को ‘शहीद’ का दर्जा दिलाना सिर्फ़ एक समुदाय से जुड़ा मुद्दा नहीं है; बल्कि यह बिहार के इतिहास और देश की आज़ादी के लिए अपनी जान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से जुड़ा मामला है। संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह भूख हड़ताल करने वालों से बातचीत करे और उनकी मांगों पर उचित निर्णय ले। साथ ही, उसने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और बढ़ाया जा सकता है।

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आंदोलन और व्यापक करने की चेतावनी

मिथिला स्टूडेंट यूनियन का मानना ​​है कि आज़ादी की लड़ाई में योगदान देने वाले स्थानीय नायकों के इतिहास और उनके बलिदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए। संगठन के अनुसार, नई पीढ़ी को रामफल मंडल के बलिदान के बारे में बताना भी ज़रूरी है। फ़िलहाल गर्दनीबाग़ में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल चल रही है और प्रदर्शनकारी सरकार के अगले कदम का इंतज़ार कर रहे हैं। अब यह देखना बाकी है कि सरकार इस मांग को लेकर क्या कदम उठाती है और भूख हड़ताल खत्म करने के लिए बातचीत कब शुरू होती है।

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Shalini Sinha

Shalini Sinha is a Bihar & Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform,Voice over artist And Digital Anchoring Mithila Top.

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