Jharkhand Bandh 2026: झारखंड आंदोलन के कार्यकर्ताओं, किसानों और मज़दूरों की कई लंबित मांगों को मनवाने के लिए बुधवार को बुलाए गए ‘झारखंड बंद’ का पलामू में भी व्यापक असर दिखा। बंद को सफल बनाने के लिए ‘झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन किया। मेदिनीनगर के रेडमा चौक पर कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात बाधित हुआ।
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए तीर-धनुष लेकर सड़कों पर उतर आए। कई प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए, जिससे गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। इसके कारण लगे ट्रैफिक जाम में बड़ी संख्या में गाड़ियां फंसी रहीं, और स्कूली बच्चों व आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
Jharkhand Bandh 2026: पेंशन और जल-जंगल-जमीन के अधिकार की मांग
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे झारखंड आंदोलन के कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन योजना लागू करने और जल, जंगल व ज़मीन पर आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने गरीब आदिवासियों और अन्य ज़रूरतमंद लोगों को ज़मीन की रसीदें जारी करने की व्यवस्था की भी मांग की।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे लंबे समय से सरकार के सामने पेंशन की अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि कई प्रदर्शनकारियों के पास अपनी ज़मीन भी नहीं है और वे कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
मौके पर पहुंची पलामू पुलिस
सड़क जाम होने की सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के मुरारी पांडे और विकेश शुक्ला ने दूसरों के साथ मिलकर इस आंदोलन का नेतृत्व किया। मुरारी पांडे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है और आंदोलनकारी सरकार के सामने अपनी लंबित मांगें रख रहे हैं।
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