Bihar Bus Fare Hike: बिहार में सरकारी बसों से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) ने बस किराए में वृद्धि कर दी है, जिससे दरभंगा मंडल सहित राज्य के कई प्रमुख मार्गों पर यात्रा करना महंगा हो गया है। परिवहन विभाग द्वारा जारी एक नए आदेश के अनुसार, संशोधित किराया तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इससे दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और सुपौल जैसे जिलों के दैनिक यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों पर सीधा असर पड़ेगा।
परिवहन विभाग ने बताया कि डीजल की बढ़ती कीमतों, बसों के रखरखाव, पुर्जों और परिचालन लागतों के कारण किराए में संशोधन का निर्णय लिया गया है। विभाग के अनुसार, यदि किराए में वृद्धि नहीं की जाती, तो बस सेवाएं घाटे में चलतीं, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना मुश्किल हो जाता।
Bihar Bus Fare Hike: बिहार में नई दरें आज से लागू
नई किराया सूची के अनुसार, दरभंगा से पटना जाने वाली सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली साधारण बस का किराया 193 रुपये से बढ़कर 222 रुपये हो गया है। डीलक्स बसों का किराया 213 रुपये से बढ़कर 245 रुपये और एसी बसों का किराया 261 रुपये से बढ़कर 300 रुपये हो गया है। इसी प्रकार, लहरियासराय से पटना जाने वाली बस का किराया 200 रुपये से बढ़कर 230 रुपये हो गया है।
अन्य लंबी दूरी के मार्गों पर भी किराए में काफी वृद्धि की गई है। घोघरडीहा से पटना जाने वाले यात्रियों को अब सामान्य बस के लिए ₹329, डीलक्स बस के लिए ₹363 और एसी बस के लिए ₹443 तक का किराया देना होगा। कुशेश्वरस्थान और भेजा से पटना जाने वाले मार्गों पर भी सभी श्रेणियों के किराए बढ़ा दिए गए हैं। सुपौल से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए साधारण बस का किराया अब ₹297 है।
लंबी दूरी के मार्गों के साथ-साथ स्थानीय और अंतर-जिला मार्गों पर भी यात्रा महंगी हो गई है। दरभंगा से बेनीपुर, लौखा, मुजफ्फरपुर और चकमेहसी जैसे मार्गों पर किराए में वृद्धि लागू की गई है। इससे दैनिक यात्रियों के मासिक खर्च में भी वृद्धि होगी।
AC से लेकर साधारण बस तक सब महंगी
नए किराए लागू होने के बाद यात्री बस स्टेशनों पर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। कई यात्रियों का कहना है कि महंगाई पहले से ही चरम पर है और परिवहन लागत में वृद्धि से आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। छात्रों और कामकाजी लोगों का मानना है कि इससे दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी होगी।
दूसरी ओर, बस संचालकों और परिवहन विभाग का कहना है कि यह निर्णय मजबूरी में लिया गया था। विभाग ने सभी ई-टिकटिंग मशीनों और सॉफ्टवेयर को नए किराए के अनुसार अपडेट कर दिया है। अधिकारियों का तर्क है कि सुचारू बस सेवा सुनिश्चित करने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए किराया बढ़ाना आवश्यक था।
बिहार में बस किरायों में हुई इस बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में आम यात्रियों के बजट पर सीधा पड़ेगा। इसलिए, लोग अब सरकार की अगली परिवहन नीति और संभावित राहत उपायों पर नजर रखे हुए हैं।
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