Bihar MLC Election 2026: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की नौ रिक्त सीटों के लिए चुनाव तिथियों की घोषणा कर दी है। ये सभी सीटें विधायक कोटे से भरी जानी हैं, जिससे राज्य की राजनीति में एनडीए और महागठबंधन दोनों की सक्रियता बढ़ गई है। राजनीतिक दलों ने आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
Bihar MLC Election 2026: 18 जून को वोटिंग संभव
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया 1 जून से 8 जून, 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच के बाद, 11 जून तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर, 18 जून को मतदान होगा। उसी शाम तक मतगणना पूरी हो जाएगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में गहन चर्चाएं चल रही हैं, क्योंकि विधान परिषद की ये सीटें भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित कर सकती हैं।
जिन सदस्यों का कार्यकाल 28 जून, 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें कुमुद वर्मा, प्रोफेसर गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक और भीष्म साहनी शामिल हैं। भाजपा नेता संजय प्रकाश उर्फ संजय मयूख, कांग्रेस एमएलसी समीर कुमार सिंह और आरजेडी के सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 16 नवंबर, 2025 को इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनकी सीट खाली हो गई। इसके अलावा, भगवान सिंह कुशवाहा के इस्तीफे के बाद उनकी सीट पर चुनाव होंगे।
NDA और महागठबंधन में बढ़ी हलचल
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस चुनाव में विधायकों की संख्या बल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि ये विधान परिषद सीटें विधायकों के कोटे से भरी जाती हैं। इसलिए, विधानसभा में अधिक विधायकों वाली पार्टियों को सीधा लाभ मिल सकता है। हालांकि, सभी पार्टियां अभी भी उम्मीदवारों के चयन को लेकर विचार-विमर्श कर रही हैं। यह भी संभव है कि कई नए चेहरों को मौका दिया जाए।
बिहार विधानसभा चुनाव आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखे जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, सभी दल अपने गठबंधन को मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। अब सबकी निगाहें उम्मीदवारों की घोषणा और नामांकन प्रक्रिया पर टिकी हैं।
यह भी पढ़ें:














