Dhanbad ED Raid: झारखंड के धनबाद में कोयले के अवैध व्यापार और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) अपनी कार्रवाई तेज़ कर रहा है। मंगलवार को शुरू हुई छापेमारी के दौरान, कोयला कारोबारियों LB सिंह और अनिल गोयल से जुड़ी जगहों से बेनामी (दूसरों के नाम पर रखी गई) चल और अचल संपत्तियों से जुड़े बड़ी संख्या में दस्तावेज़ बरामद होने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, इन दस्तावेज़ों की जांच चल रही है और अनुमान है कि अब तक लगभग ₹100 करोड़ की बेनामी संपत्ति का पता चला है। इसके अलावा, रिपोर्टों से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के दौरान लगभग ₹1 करोड़ नकद बरामद किए गए।
Dhanbad ED Raid: एलबी सिंह और अनिल गोयल से जुड़े ठिकानों पर ED का शिकंजा
खबर है कि मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे ED की एक टीम ने धनबाद और उसके आस-पास के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू की। जांच का दायरा दोनों कारोबारियों के करीबी सहयोगियों, बिजनेस पार्टनर्स, अकाउंटेंट्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) तक फैला हुआ है। कुछ जगहों पर तलाशी अभियान खत्म हो चुका है, जबकि अन्य जगहों पर जांच अभी भी जारी है।
खबरों के मुताबिक, ED की कार्रवाई से प्रभावित लोगों में गणेश यादव, इम्तियाज़ अली, रोहित यादव, लक्ष्मण दुबे (उर्फ़ पप्पू दुबे), पप्पू मंडल और महेंद्र प्रसाद सिंह शामिल हैं ये सभी अनिल गोयल से जुड़े हैं। वहीं, डीके सिंह, रितेश शर्मा, रंजीत सिंह, CA DN सिन्हा एंड कंपनी, हरेंद्र चौहान और अरुण चौहान के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई है; ये सभी LB सिंह से जुड़े हुए हैं।
बेनामी संपत्ति के दस्तावेज जब्त
सूत्रों के मुताबिक, ED, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और GST अधिकारियों जैसी एजेंसियों ने पहले भी इन कारोबारियों और उनकी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। ED ने पिछली जांच के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर दोनों कारोबारियों से पूछताछ भी की थी। अब, उसी जांच को आगे बढ़ाते हुए, उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर नए सिरे से छापेमारी की गई है।
इस बीच, ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए डुमरी के विधायक जयराम महतो ने कहा कि अगर जांच निष्पक्ष है, तो सत्ताधारी पार्टी के सांसदों और विधायकों की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अवैध संपत्ति के मामलों में सभी पार्टियों के ख़िलाफ़ समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, ED ने ज़ब्त किए गए दस्तावेज़ों, कैश या संपत्ति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की संभावना है।
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