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Driving Training Center Jharkhand: अब झारखंड में बनेगा हाईटेक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर

Driving Training Center Jharkhand: A high-tech driving training center will now be set up in Jharkhand.
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Driving Training Center Jharkhand: झारखंड सरकार ने सड़क सुरक्षा और युवाओं के कौशल विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत राज्य में एक आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां युवाओं को हल्के और भारी वाहन चलाने का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Driving Training Center Jharkhand: Tata Motors के साथ Hemant Soren का बड़ा MoU

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर पिछले छह से आठ वर्षों से काम चल रहा था और अब यह अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनन और औद्योगिक राज्य में ऐसा प्रशिक्षण केंद्र बहुत पहले ही स्थापित हो जाना चाहिए था। राज्य में बड़ी संख्या में भारी वाहनों के संचालन को देखते हुए, प्रशिक्षित ड्राइवरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ट्रेनिंग सेंटर सिर्फ़ ड्राइविंग सिखाने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सड़क सुरक्षा, आधुनिक वाहन तकनीक और ज़िम्मेदारी से ड्राइविंग करने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और राज्य को कुशल ड्राइवर मिल सकेंगे।

हेमंत सोरेन ने ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि MoU से पहले ही 10,000 से ज़्यादा लर्नर और ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके थे। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को सभी पेंडिंग आवेदनों को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के लाइसेंस के लिए लोगों को प्राइवेट संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

झारखंड में खुलेगा आधुनिक सेंटर

स्वीडन की अपनी यात्रा का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि वहाँ सड़क सुरक्षा सिस्टम और सेंसर-आधारित तकनीकें बहुत उन्नत हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को भी दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनानी चाहिए; तेज़ रफ़्तार वाली सड़कों के साथ-साथ सुरक्षित ड्राइविंग सिस्टम भी उतने ही ज़रूरी हैं।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ज़िम्मेदारियों पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस अब सिर्फ़ गाड़ी चलाने का दस्तावेज़ नहीं रह गया है, बल्कि यह पहचान का एक अहम ज़रिया बन गया है। सरकार का मकसद युवाओं को अच्छी ट्रेनिंग, आसान लाइसेंसिंग प्रक्रिया और रोज़गार के बेहतर मौके देना है। टाटा मोटर्स के साथ मिलकर शुरू किया जा रहा ट्रेनिंग सेंटर इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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