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Hemant Soren बिना तामझाम पहुंचे सचिवालय, सादा अंदाज बना चर्चा का विषय

Hemant Soren बिना तामझाम पहुंचे सचिवालय, सादा अंदाज बना चर्चा का विषय
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Hemant Soren news: उस समय रांची की सड़कों पर सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। न कोई सायरन बज रहा था, न कोई वीआईपी काफिला। लेकिन इस सामान्य माहौल के बीच एक असाधारण घटना घटी जिसने सबको चौंका दिया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren ) बिना किसी शोर-शराबे के अपने आवास से प्रोजेक्ट बिल्डिंग पहुंचे और किसी ने ध्यान भी नहीं दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वयं एक सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ी से उतरे। उनके साथ न तो कोई लंबा काफिला था और न ही भारी सुरक्षा बल। उनके साथ केवल एक व्यक्ति और एक सुरक्षा गार्ड थे। सचिवालय के द्वार पर पहुंचते ही वहां मौजूद अधिकारी और सुरक्षाकर्मी उन्हें इस तरह देखकर आश्चर्यचकित रह गए।

आम तौर पर मुख्यमंत्री के आगमन से पहले पूरा मार्ग खाली करा दिया जाता है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। मुख्यमंत्री सीधे अपनी कार से उतरे और अपने कमरे की ओर चल दिए। यह घटना मंत्रालय के गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

सूत्रों के अनुसार, यह कदम अचानक नहीं उठाया गया, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रांची की यातायात स्थिति, सड़कों की हालत और आम जनता को हो रही समस्याओं का जायजा लेना चाहते थे। वे यह देखना चाहते थे कि वीआईपी आवाजाही के बिना शहर कैसे चलता है और आम नागरिकों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से इस कदम को जोखिम भरा माना जा रहा है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुख्यमंत्री पूरी तरह से सहज नजर आ रहे थे।

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इससे पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वे तुरंत अपने आवास लौट आए और बिना किसी पूर्व सूचना के सचिवालय के लिए रवाना हो गए। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल सादगी का उदाहरण है, बल्कि जमीनी हकीकतों के अनुरूप ढलने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

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