Darbhanga News: दरभंगा ज़िले के कोतवाली थाना क्षेत्र के भाटियासराय में एक शादीशुदा महिला ने अपने बेटे की मौत के मामले में स्कूल और प्रशासन से न्याय न मिलने पर ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिवार वालों के मुताबिक, तीन महीने पहले मनीषा के इकलौते बेटे कश्यप का शव एक प्राइवेट स्कूल में लटका हुआ मिला था। तब से वह न्याय के लिए दर-दर भटक रही थी, और आखिरकार उसने ज़हर खाकर अपनी जान दे दी।
इलाज के दौरान महिला की मौत
मृतक के भाई शिवशंकर कुमार के अनुसार, वह लगातार पुलिस और प्रशासन से न्याय के लिए गुहार लगा रही थी। रविवार शाम 6 बजे उसकी हालत बिगड़ गई और उसे बार-बार उल्टी होने लगी। उसे पास के अस्पताल ले जाया गया। देर रात जब उसे होश आया, तो उसने बताया कि उसने सल्फाइड की गोलियां खाई हैं। इसके बाद उसे DMCH (दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) रेफर किया गया, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं – बहन
उन्होंने आगे बताया कि तीन महीने पहले उनका भतीजा लहरियासराय के माउंट समर स्कूल में पढ़ता था, जब उसका शव हॉस्टल के बाथरूम में लटका हुआ मिला था। तब से उनकी बहन थाने में, DSP, SP और IG से न्याय के लिए गुहार लगा रही थी, लेकिन स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि स्कूल मैनेजमेंट ने सबको रिश्वत दी है। आखिरकार, उनकी बहन ने ज़हर खाकर अपनी जान दे दी।
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वहीं परिजन से मिलने पहुंचे वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश साहनी ने कहा की इस सरकार में गरीब लोगों को न्याय की उम्मीद छोड़ ही देना चाहिए। यदि प्रशासन सही समय से जांच कर स्कूल पर कारवाई की रहती तो आज मनीषा हम लोगों के बीच रहती।













