Iqbal Ansari Case: बिहार के दरभंगा ज़िले के केवटी ब्लॉक की प्रमुख जीवछी देवी और उनके पति अशोक पासवान ने एक आपराधिक मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि गंभीर अपराधों के आरोपी एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटों बाद छोड़ दिया गया, जिससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच की मांग की है।
Iqbal Ansari Case: गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
अशोक पासवान ने बताया कि केओटी पुलिस स्टेशन में उनके द्वारा दर्ज कराई गई FIR में इक़बाल अंसारी और अन्य लोगों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
FIR में जबरन वसूली, जातिसूचक टिप्पणी करने, जान से मारने की धमकी देने, आपराधिक साज़िश रचने और जन-प्रतिनिधि को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
विकास कार्यों में बाधा का आरोप
अशोक पासवान ने कहा कि जब से मार्च 2024 में जीवछी देवी ब्लॉक प्रमुख चुनी गई हैं, तब से विकास कार्यों और पंचायत योजनाओं को लेकर लगातार बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार दबाव, धमकियों और कथित तौर पर पैसे ऐंठने की मांगों के कारण उनके परिवार की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दरभंगा के ज़िला जन शिकायत निवारण अधिकारी के आदेश में इस शिकायत को गंभीर माना गया था। उपलब्ध सबूतों और ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हुई जांच के बाद, संबंधित पुलिस स्टेशन को FIR दर्ज करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
हिरासत के बाद रिहाई पर उठे सवाल
अशोक पासवान का आरोप है कि FIR में नामजद आरोपी इक़बाल अंसारी को सोमवार शाम करीब 4 बजे केवती पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन रात करीब 11 बजे उसे छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोपी की इतनी जल्दी रिहाई के आधार पर सवाल उठाए हैं, खासकर इसलिए क्योंकि यह मामला SC/ST एक्ट और कानून की अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से पीड़ितों और आम जनता के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
जीवछी देवी और अशोक पासवान ने ज़िला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय-सीमा के भीतर जाँच करने की माँग की है। उन्होंने न्याय के साथ-साथ अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी माँग भी दोहराई। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए,केवटी थाना अध्यक्ष (SHO) सदन राम ने बताया कि आरोपी को जांच और पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पूछताछ पूरी होने के बाद, कानून की धारा 41 के प्रावधानों के अनुसार उस व्यक्ति को बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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