JEE Advanced Result 2026: जेईई एडवांस 2026 के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सफलता सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र से आने वाले छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. दरभंगा स्थित ओमेगा स्टडी सेंटर ने इस साल भी शानदार प्रदर्शन किया है और जेईई एडवांस 2026 में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है.
संस्थान के 15 से अधिक छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी IITs में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त किया है। सफल विद्यार्थियों में अभिनव अजय ने ऑल इंडिया रैंक 791 प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया। वहीं आदित्य सिन्हा ने AIR 1385, अनिक राज ने AIR 2122, आकर्ष राज ने AIR 2482, अभिनव मिश्रा ने AIR 2863 तथा श्रुति कुमारी ने AIR 3322 हासिल की। इसके अलावा अभिनव भारद्वाज, प्रियांशु कुमार, नंदनी गुप्ता और चेतन अक्षत सहित कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट रैंक प्राप्त कर मिथिला को गौरवान्वित किया।
ओमेगा स्टडी सेंटर ने रचा इतिहास
ओमेगा स्टडी सेंटर पिछले कई वर्षों से आईआईटी-जेईई और एनईईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम दे रहा है। यही कारण है कि आज यह संस्थान बिहार के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अपनी अलग पहचान बना चुका है. संस्थान के चेयरमैन सुमन कुमार ठाकुर ने सभी सफल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ छात्रों की नहीं बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र की सफलता है. उन्होंने कहा कि ओमेगा की स्थापना के बाद से 260 से अधिक छात्रों का चयन विभिन्न आईआईटी में और 900 से अधिक छात्रों का चयन प्रतिष्ठित एनआईटी में हुआ है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस जरूरत है तो सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल की। ओमेगा स्टडी सेंटर ने लगातार यह साबित किया है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए बड़े शहरों की नहीं बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दिशा की जरूरत होती है।
JEE Advanced Result 2026: 15+ छात्रों का IIT में चयन
संस्थान के प्रबंध निदेशक सुमित कुमार चौबे ने सफलता का श्रेय छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और संस्थान की व्यवस्थित शैक्षणिक प्रणाली को दिया। उन्होंने कहा कि नियमित कक्षाएं, व्यापक परीक्षण श्रृंखला, सूक्ष्म प्रदर्शन विश्लेषण, व्यक्तिगत संदेह सत्र, सलाह और केंद्रित स्व-अध्ययन मॉडल ने छात्रों को जेईई एडवांस्ड जैसी कठिन परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार किया।
संस्थान के संकाय ने भी सफल छात्रों की सराहना की और कहा कि जेईई एडवांस्ड में सफलता सिर्फ एक रैंक प्राप्त करने के बारे में नहीं है बल्कि किसी की क्षमता की उच्चतम सीमा तक पहुंचने की यात्रा है। छात्रों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और धैर्य की मदद से अपने सपनों को साकार किया है।
आज देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में मिथिला के छात्रों की बढ़ती उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि इस क्षेत्र में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ओमेगा स्टडी सेंटर की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और मिथिलांचल को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने का काम करेगी।
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