Prashant Kishor Bihta Ashram: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हार के बाद प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीति को नये तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. उन्होंने पटना में अपना पुराना ठिकाना छोड़कर बिहटा के अमहारा गांव में बने ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ को नया राजनीतिक केंद्र बनाया है. प्रशांत किशोर ने फैसला किया है कि वह अगले पांच साल तक इसी आश्रम में रहेंगे और बिहार में पार्टी संगठन और राजनीतिक बदलाव के लिए रणनीति तैयार करेंगे.
प्रशांत किशोर का हाईटेक आश्रम चर्चा में
प्रशांत किशोर का यह नया आश्रम पूरी तरह से हाईटेक सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है. करीब 15 बीघे में फैले इस परिसर में 50 से ज्यादा जर्मन टेंट और फूस की झोपड़ियां बनी हुई हैं. यहां करीब 500 कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि 4000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक बड़ा सभा स्थल भी तैयार किया गया है.
जन सुराज पार्टी का दावा है कि इस आश्रम को सिर्फ रहने की जगह के तौर पर नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है. पार्टी की योजना 40 लाख सक्रिय सदस्यों को प्रशिक्षण देने की है. यहां बूथ, वार्ड और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग मॉड्यूल के जरिए राजनीतिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
प्रशांत किशोर ने पहले ही कहा था कि अगर बिहार की नई सरकार छह महीने में जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी तो वह आश्रम में शिफ्ट हो जाएंगे. अब उन्होंने 19 मई से बिहटा स्थित आश्रम को अपना स्थायी राजनीतिक ठिकाना बना लिया है. बताया जा रहा है कि यहीं से वह आगामी चुनाव और संगठन विस्तार का पूरा खाका तैयार करेंगे.
Prashant Kishor Bihta Ashram: 5 साल तक वहीं रहेंगे
यह आश्रम पटना से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। खास बात यह है कि इसके पास ही किसान आंदोलन के महान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती का ऐतिहासिक आश्रम भी मौजूद है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रशांत किशोर ने सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने के मकसद से इस जगह का चयन किया है.
जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि अब पार्टी का पूरा अभियान बिहटा आश्रम से संचालित किया जायेगा. उन्होंने दावा किया कि पार्टी बिहार सरकार के रोजगार, महिला सहायता और विकास संबंधी वादों को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी.
40 लाख कार्यकर्ताओं को देंगे ट्रेनिंग
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. संजय कुमार इसे प्रशांत किशोर की नई छवि निर्माण और जमीनी जुड़ाव की रणनीति मान रहे हैं. उनके मुताबिक पीके अब सीधे गांव और कार्यकर्ताओं से जुड़कर संगठन को मजबूत करना चाहते हैं. जन सुराज पार्टी अब नया सदस्यता अभियान भी शुरू करने जा रही है. पार्टी का लक्ष्य 1.25 लाख आधिकारिक स्तर के प्राथमिक सदस्य और 40 लाख सक्रिय सदस्य तैयार करना है. आश्रम का औपचारिक उद्घाटन 29 मई को किया जाएगा, जहां प्रशांत किशोर अगले पांच वर्षों के लिए राजनीतिक रणनीति और पार्टी का खाका साझा करेंगे।
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