Bihar Startup: बिहार तेजी से स्टार्टअप के क्षेत्र में उभर रहा है। लेकिन इसमें और भी बड़ी संभावना है जिसे प्रोत्साहित करने, मेंटरिंग करने की जरूरत है। साथ ही TiE पटना ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर विशेष ध्यान देते हुए बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सपोर्ट करेगा। ये बातें CIMP, पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान TiE मेंबर अंशुमन सिन्हा ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्यमिता और स्टार्ट अप के बिजनेस मॉडल्स में फर्क है। इस बात को उन सभी लोगों को समझना जरूरी है, जो स्टार्ट अप के जरिए अपनी एक पहचान बनाना चाहते हैं, सफल होना चाहते हैं। इसमें मेंटरिंग और सभी मुद्दों पर TiE पटना का भरपूर सहयोग रहेगा। उन्होंने स्टार्ट अप और बिहार में AI मिशन को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के पहलुओं पर बात की। बिहार के स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर विस्तार करने के उद्देश्य से तैयार किए गए भविष्य के रोडमैप की रूपरेखा भी प्रस्तुत की.
बिहार में अवसर और निवेश बढ़े
टीआईई ग्लोबल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य अनुशुमन सिन्हा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हमारे काम करने के तरीके में क्रांति ला दी है। जो काम पहले 20 घंटे में होते थे, अब सिर्फ एक घंटे में पूरे हो जाते हैं। अमेरिका में रहने और वहां तथा दुनिया भर में स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन देने के अनुभव के आधार पर मैं आपको यकीन के साथ कह सकता हूं कि बिहार में काफी अवसर और निवेश तलाशने की जरूरत है। मेरा सपना है कि बिहार का कोई स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर पहुंचे और यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल करे। TiE बिहार और दुनिया के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम कर सकता है, जो स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक विशेषज्ञता, निवेशकों और अवसरों से जोड़ेगा। हमारे कई सदस्य अमेरिका में हैं जो बिहार के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए अद्वितीय कौशल और अनुभव प्रदान कर सकते हैं। बिहार में सही मार्गदर्शन, वित्तपोषण और AI जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करके हम उस क्षमता को ग्लोबल इनोवेशन में बदल सकते हैं।
ताकि बिहार बने स्टार्ट अप लीडर
TiE पटना के अध्यक्ष कुमोद कुमार ने कहा कि बिहार स्टार्टअप के प्रोग्रेसिव पॉलिसी और इनोवेशन से प्रेरित है, जो उद्यमियों को हर स्तर पर व्यापक सहयोग प्रदान करती है। TiE की ग्लोबल रीच के साथ हम सरकार और इकोसिस्टम भागीदारों के साथ सहयोग करने के लिए न केवल पूरी स्पेशलाइजेशन रखते हैं। जिसमें स्टार्टअप्स को वित्तपोषण प्रदान करना, मेंटरशिप, नेटवर्किंग, कानूनी मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर प्रदान करना- सभी शामिल हैं। ताकि स्थानीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम व प्रभावी बनाया जा सके। TiE पटना में हमारा मिशन शुरुआती चरण के उद्यमियों को विश्व स्तरीय संसाधनों और संपर्कों से सशक्त बनाना है। हमारा रोडमैप स्पष्ट है: TiE पटना विचारों को प्रभावशाली उद्यमों में विकसित करना जारी रखेगा, जिससे बिहार भारत के स्टार्टअप इतिहास में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।
मेंबर्स रहे मौजूद
सम्मेलन में ये रहे उपस्थित TiE सदस्य अंशुमन सिन्हा, सदस्य, TiE ग्लोबल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़, रवि भारद्वाज, सदस्य – गवर्निंग काउंसिल, TiE पटना, प्रोफेसर (डॉ.) राणा सिंह – संस्थापक चार्टर सदस्य; कुमोद कुमार, अध्यक्ष, TiE पटना विभाष कुमार, ईडी, TiE पटना, सहर्ष भूषण, चार्टर सदस्य; सुधांशु कुमार सिंह – चार्टर सदस्य; पंकज ज्योति, चार्टर सदस्य, पल्लवी झा, चार्टर सदस्य, टोनी शर्मा, चार्टर सदस्य, प्रिया नाथ, कोषाध्यक्ष TiE पटना शामिल रहे।
यह भी पढ़ें: बिहार सरस मेला बना संस्कृति और स्वाद का संगम, 19 करोड़ से अधिक की बिक्री
पटना से शंभू कांत सिन्हा की रिपोर्ट













