Jharkhand Monsoon Update: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण (Low Pressure Area) के कारण पूर्वी भारत के कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है। झारखंड में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों के दौरान झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
Jharkhand Monsoon Update:5 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम ज़िलों में भारी बारिश की संभावना है। राज्य के अन्य ज़िलों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश व आंधी-तूफान की उम्मीद है। रांची में रविवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 29°C और 23°C रहने की संभावना है।
6 और 7 जुलाई के लिए भी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 6 जुलाई को गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 7 जुलाई को रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी में भारी बारिश की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
झारखंड में अब तक सामान्य से 45% कम बारिश
झारखंड में मॉनसून आए हुए लगभग एक महीना हो चुका है, फिर भी राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 226.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस दौरान सिर्फ़ 125.6 मिमी बारिश हुई; यानी बारिश में लगभग 45 प्रतिशत की कमी रही। राज्य के सभी 24 ज़िलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। राजधानी रांची में भी सामान्य 235 मिमी के मुकाबले 201.2 मिमी बारिश हुई जो लगभग 14 प्रतिशत की कमी है।
बहरागोड़ा में सबसे अधिक वर्षा
शनिवार को झारखंड में सबसे ज़्यादा बारिश बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहाँ 23 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा, चाईबासा में 21 मिमी और जमशेदपुर में 8 मिमी बारिश हुई, जबकि रांची में दिन भर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। शनिवार को रांची का अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम तापमान 23.4°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे विभाग द्वारा जारी ताज़ा जानकारी पर नज़र रखें।
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