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Pitru Paksha 2026: पितृ दोष क्यों लगता है? जानें लक्षण, कारण और खास उपाय

सनातन धर्म और ज्योतिष में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय अपने पूर्वजों को याद करने और तर्पण व श्राद्ध जैसे अनुष्ठान करने के लिए समर्पित है। इस वर्ष, पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध के साथ होगी

Pitru Paksha 2026: पितृ दोष क्यों लगता है? जानें लक्षण, कारण और खास उपाय
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Pitru Paksha 2026: सनातन धर्म और ज्योतिष में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय अपने पूर्वजों को याद करने और तर्पण व श्राद्ध जैसे अनुष्ठान करने के लिए समर्पित है। इस वर्ष, पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध के साथ होगी, जबकि मुख्य श्राद्ध अवधि जो 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध से शुरू होगी और 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगी।

ज्योतिषी डॉ. उमाशंकर मिश्रा के अनुसार ज्योतिषीय मान्यताओं में पितृ दोष का संबंध पूर्वजों के प्रति कर्तव्यों की अनदेखी और कुंडली में ग्रहों की विशेष स्थितियों से जोड़ा जाता है। हालाँकि, पितृ दोष एक धार्मिक-ज्योतिषीय अवधारणा है और इसके प्रभावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित बीमारी या कारण नहीं माना जाता है।

Pitru Paksha 2026: पितृ दोष क्यों लगता है?

मान्यता है कि पूर्वजों के लिए ‘श्राद्ध’ और ‘तर्पण’ की रस्में न निभाना, परिवार के बुजुर्गों का अनादर करना और कुछ खास स्थितियों में असमय मृत्यु जैसी घटनाओं को ‘पितृ दोष’ से जोड़ा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में, सूर्य, राहु, केतु और शनि की विशिष्ट ग्रह-स्थितियों को भी इस स्थिति से जुड़ा हुआ माना जाता है।

क्या बताए जाते हैं लक्षण?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पितृ दोष का संबंध शादी में देरी, संतान से जुड़ी समस्याओं, आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह और बार-बार आने वाली परेशानियों से माना जाता है। कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में सपनों में पूर्वजों या सांपों का दिखना भी इसका एक संकेत माना जाता है। हालाँकि, बीमारी, आर्थिक परेशानी या पारिवारिक तनाव के असली कारण अलग-अलग हो सकते हैं।

12 राशियों के लिए बताए गए उपाय

ज्योतिषियों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान व्यक्ति अपनी राशि के आधार पर दान-पुण्य के कार्य कर सकता है।

  • मेष राशि वाले लोग लाल रंग के कपड़े दान कर सकते हैं।
  • वृषभ राशि वाले चावल और दूध जैसी सफेद चीज़ें दान कर सकते हैं।
  • मिथुन राशि वालों के लिए हरा चारा और मूंग की दाल दान करने की सलाह दी जाती है। 
  • कर्क राशि वालों को चावल, दूध और सफेद कपड़े दान करने की सलाह दी जाती है।
  • सिंह राशि वाले लोग गेहूं, गुड़ और तांबे के बर्तन दान कर सकते हैं। 
  • कन्या राशि वाले लोग मूंग दाल, अनाज और गुड़ दान कर सकते हैं।
  • तुला राशि वालों के लिए खीर और घी दान करना अच्छा माना जाता है।
  • वृश्चिक राशि वालों के लिए अनाज। 
  • धनु राशि वालों के लिए काले तिल और चने की दाल
  • मकर राशि वालों के लिए तिल का तेल और काले तिल दान करना शुभ होता है।
  • कुंभ राशि वाले लोग अनाज और काले तिल दान कर सकते हैं।
  • मीन राशि वालों को धार्मिक किताबें, पीले कपड़े और चने की दाल दान करने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का समय है। श्राद्ध या किसी भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान की प्रक्रिया पारिवारिक परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

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Hemant Kumar

Hemant Kumar is a dynamic Darbhanga-based journalist and the visionary founder of Mithila Top. With five years of impactful reporting across politics, society, education, and entertainment, he is celebrated for his signature writing style... masterfully delivering factually precise, lucid, and engaging narratives that make him a trusted voice in regional journalism.

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