Jharkhand Home Guard Recruitment: रांची में होम गार्ड भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांति मोर्चा (JLKM) ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और परिणामों की घोषणा में देरी के खिलाफ शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों ने बापू वाटिका से कलेक्ट्रेट तक मार्च किया और डीसी कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर धरना दिया।
सड़क पर उतरे JLKM कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और जल्द से जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में पहले भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अब होम गार्ड भर्ती प्रक्रिया में भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। इससे सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर युवाओं का भरोसा कम हो रहा है।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य के कई जिलों में होम गार्ड भर्ती के परिणाम जारी कर दिए गए हैं, लेकिन राजधानी रांची में अभी तक इन्हें प्रकाशित नहीं किया गया है। इससे उम्मीदवारों में व्यापक असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और इसमें व्यापक अनियमितताएं थीं।
Jharkhand Home Guard भर्ती रिजल्ट को लेकर बवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उम्मीदवारों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच किसी एजेंसी द्वारा कराई जाए और अनियमितताओं में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले कई उम्मीदवारों ने कहा कि वे लंबे समय से अपने परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा पूरी करने के बावजूद, परिणाम जारी न होने से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सरकार को जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए।
जेएलकेएम नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि युवाओं के अधिकारों के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया के बढ़ते विरोध से सरकार के लिए चुनौती खड़ी हो सकती है। यदि प्रशासन आने वाले दिनों में अपना रुख स्पष्ट नहीं करता है, तो यह मुद्दा गंभीर रूप ले सकता है।
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