Foreign Study Scholarship Jharkhand: झारखंड सरकार राज्य के मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सुनहरा मौका दे रही है। मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के तहत हर साल 50 छात्रों को विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना की शुरुआत साल 2020 में हुई थी और अब तक कई छात्र इसका फायदा उठा चुके हैं. हालांकि, पलामू जिले से अभी तक किसी छात्र का चयन नहीं हुआ है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है.
पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों से इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. उन्होंने बताया कि योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 मई से शुरू हो गई है और पोर्टल 20 जून तक खुला रहेगा। इच्छुक छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डीसी ने कहा कि यह योजना राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. अधिक से अधिक विद्यार्थी इस अवसर का लाभ उठा सकें, इसके लिए जिला प्रशासन पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चला रहा है.
Foreign Study Scholarship Jharkhand: 50 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा
इस योजना के तहत कुल 50 छात्रों का चयन किया जाएगा। इनमें से अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से 20, अनुसूचित जनजाति (एसटी) से 10, पिछड़ा वर्ग से 14 और अल्पसंख्यक समुदाय से 6 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्रों को सरकार द्वारा कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:-
- ट्यूशन मुफ़्त
- वार्षिक रखरखाव भत्ता
- आकस्मिकता भत्ता
- वीज़ा शुल्क
- हवाई यात्रा खर्च
- स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्र को झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा मास्टर या एमफिल डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। छात्र या उसके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ने का मौका
इस योजना के तहत छात्रों को यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, इंपीरियल कॉलेज लंदन, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए सहायता दी जाएगी। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार पलामू के छात्र भी इस योजना का लाभ उठायेंगे और विदेश में शिक्षा प्राप्त करने का अपना सपना पूरा करेंगे.
यह भी पढ़ें:

















