Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित सरकारी मिडिल स्कूल, बेलादुला में पिछले 12 दिनों से पढ़ाई पूरी तरह ठप्प है। स्थिति इतनी खराब है कि जहां बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए, वहां अब मवेशी जमा हो गए हैं। छात्र प्रतिदिन स्कूल तो आते हैं, लेकिन शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें बिना पढ़े ही घर लौटना पड़ता है।
जनगणना ड्यूटी में व्यस्त शिक्षक
खबर आ रही है कि सभी स्कूल शिक्षकों को जनगणना के काम में लगा दिया गया है, जिसके चलते स्कूल बंद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार में शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।आठवीं कक्षा के छात्र आयुष राज ने बताया कि वह हर दिन स्कूल आता है, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण उसे वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों ने छात्रों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
इसी बीच, एक अभिभावक अभय आनंद सिंह ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के कारण वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं भेज सकते और पूरी तरह से सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि जब स्कूल बंद होते हैं, तो बच्चों की जगह परिसर में जानवर बैठे नजर आते हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।
DEO ने दिए जांच के आदेश
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि प्रेमचंद उर्फ भोलू यादव ने भी इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में तालाब की मौजूदगी से छोटे बच्चों की सुरक्षा को खतरा है। अधिकारियों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जहां बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए, वहां गायें बैठी हुई दिखाई देती हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल का लगातार बंद रहना पूरी तरह अनुचित है। कुछ शिक्षकों को शिक्षण कार्य के लिए स्कूल में भेजा जाना चाहिए था। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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