Bihar Cabinet Decisions: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य के विकास, अवसंरचना, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार से संबंधित 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में आयोजित इस बैठक में सभी मंत्री उपस्थित थे। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव किसानों, बुजुर्गों और शहरी एवं ग्रामीण नागरिकों पर पड़ेगा।
Bihar Cabinet Decisions: रैयती जमीन की मापी शुल्क में बढ़ोतरी
मंत्रिमंडल ने रैयत भूमि के मापन शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भूमि के मापन के लिए प्रति खसरा 2000 रुपये का शुल्क देना होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 8000 रुपये होगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क प्रति खसरा 1000 रुपये और अधिकतम सीमा 4000 रुपये निर्धारित की गई है। तत्काल मापन की सुविधा के तहत शहरी क्षेत्रों में प्रति खसरा 4000 रुपये का शुल्क और अधिकतम सीमा 16000 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क प्रति खसरा 2000 रुपये और अधिकतम सीमा 8000 रुपये होगी।
बाढ़ प्रबंधन के लिए 400 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बाढ़ प्रबंधन कार्यों हेतु ₹400.66 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, सीमावर्ती क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के लिए ₹250 करोड़ और नदी प्रबंधन गतिविधियों के लिए ₹120 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। मुंगेर जिले के खड़गपुर में मणि और सिंधवरानी नदियों के संगम पर गेटेड वियर के निर्माण और मुख्य नहर के जीर्णोद्धार की परियोजना लागत ₹125 करोड़ से बढ़ाकर ₹196.89 करोड़ कर दी गई है। इस परियोजना से लगभग 671 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 25 एजेंडों पर लगी मुहर।@samrat4bjp@BiharCabinet#BiharCabinet #BiharCabinetDecisions #BiharCabinetSecretariatDept #CabinetDecisions2026 pic.twitter.com/irA0F4mmcP
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) June 8, 2026
जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं को मिली मंजूरी
राज्य सरकार ने हाजीपुर जल आपूर्ति परियोजना के लिए 131.88 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। बेगुसराय में सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी के निर्माण के लिए 375.86 करोड़ रुपये और सहरसा जल आपूर्ति योजना के लिए 127.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
सासामुसा चीनी मिल फिर होगी शुरू
मंत्रिमंडल की बैठक में गोपालगंज स्थित ससामुसा चीनी मिल में परिचालन पुनः शुरू करने और गन्ना किसानों को बकाया भुगतान करने के लिए ₹42.99 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। लंबे समय से बंद पड़ी इस चीनी मिल के पुनः खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों को राहत मिलेगी। “डेवलप इंडिया एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड गारंटी मिशन” योजना को भी मंजूरी दी गई, जो 1 जुलाई से लागू होगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 3662 करोड़ रुपये मंजूर
राज्य सरकार ने छह प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए ₹3,662 करोड़ की अग्रिम राशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग मई, जून और जुलाई महीनों की पेंशन के भुगतान के लिए किया जाएगा। इन योजनाओं में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, विकलांगता पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना शामिल हैं। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहनों को स्क्रैप करने या उनका पुनः पंजीकरण कराने से नए वाहन खरीदने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। हालांकि, निजी वाहनों को स्क्रैप करने से पहले की तरह ही प्रोत्साहन मिलता रहेगा।
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