Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का त्योहार आज, 15 फरवरी को बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे देश में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन मौके पर रविवार सुबह से ही अलग-अलग शहरों के शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। भोर होते ही भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। “हर हर महादेव” के नारों से पूरा माहौल भक्ति से भर गया।
पटना, सासाराम, बक्सर, भागलपुर,दरभंगा और गयाजी के शिव मंदिरों में सुबह से ही लंबी लाइनें देखी गईं। पटना समेत बिहार के हर जिले में महाशिवरात्रि को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
Mahashivratri 2026: सासाराम के प्रसिद्ध तिलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भक्तों की लगी भीड़
सासाराम के प्रसिद्ध तिलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में शनिवार आधी रात से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है। महाशिवरात्रि की तिथि आते ही भक्त जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़े। ऐसा माना जाता है कि तिलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में शिवलिंग का आकार हर साल बढ़ता है। शिव भक्तों का कहना है कि जलाभिषेक करने आने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आज सुबह से ही लंबी लाइनें लगी हुई हैं। पूरा माहौल भक्ति से भरा हुआ है। इसके अलावा, लोग जिले के अलग-अलग शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
Mahashivratri 2026: महाकालेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर में भक्तों की लगी भीड़
महाशिवरात्रि के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में लाखों लोग पहुंच रहे हैं। काशी के विश्वनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जहां कल रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। वही उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल को दूल्हे की तरह सजाया गया है। भगवान के श्रृंगार के लिए तीन क्विंटल फूल लाए गए हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर लगातार 44 घंटे दर्शन और पूजा होगी। लगातार दर्शन के कारण शयन आरती नहीं होगी। महाशिवरात्रि पर साल में एक बार होने वाली भस्म आरती भी 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे होगी।
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वाराणसी में भी महाशिवरात्रि बड़े उत्साह के साथ मनाई जा रही है। हर कोई भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ है। काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान विश्वेश्वर की मंगला आरती की गई। काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह 2:15 बजे मंगला आरती की गई और मंदिर सुबह 3:30 बजे दर्शन के लिए खुल गया। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में भी मंगला श्रृंगार आरती की गई। यहां भगवान भोलेनाथ का फूलों से श्रृंगार भी किया गया।
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