West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य में नई सरकार का गठन किया। उनके साथ ही दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसीथ प्रमाणिक सहित पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली। इस छोटे लेकिन संतुलित मंत्रिमंडल के साथ भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की रणनीति अपना रही है।
शपथ लेने वाले 5 मंत्री कौन हैं?
सुवेंदु अधिकारी के नए मंत्रिमंडल में महिलाओं, आदिवासियों, ओबीसी, मतुआ और राजबंशी समुदायों का प्रतिनिधित्व शामिल है। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनाव के दौरान भाजपा की विभिन्न सामाजिक वर्गों को लुभाने की रणनीति से जोड़ रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पहली बार है जब भाजपा ने बंगाल में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई है, जिससे तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हुआ है।
जानिए सुवेंदु कैबिनेट के बड़े चेहरे
दिलीप घोष मंत्रिमंडल में सबसे प्रमुख व्यक्ति हैं। अपनी संगठनात्मक क्षमता और आक्रामक हिंदुत्ववादी राजनीति के लिए जाने जाने वाले घोष बंगाल भाजपा के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं। वहीं, अग्निमित्रा पॉल को महिला प्रतिनिधि और आधुनिक राजनीतिक छवि के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। फैशन डिजाइनर से राजनीतिज्ञ बनीं अग्निमित्रा को बंगाल भाजपा का एक प्रमुख महिला चेहरा माना जाता है।
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माना जा रहा है कि अशोक किरातनिया का चयन मतुआ और शरणार्थी वोट बैंक को ध्यान में रखकर किया गया है। खुदीराम टुडू आदिवासी और जंगलमहल क्षेत्रों में एक प्रमुख व्यक्ति हैं, जिनके माध्यम से भाजपा आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की उम्मीद कर रही है। वहीं, निसीथ को एक सिद्ध युवा नेता और उत्तर बंगाल में एक प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है। केंद्र सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके निसीथ का राजबंशी समुदाय में भी काफी प्रभाव है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।



















