Bengal Elections 2026: “नफरत की लाठी तोड़ो, लालच का खंज़र फेंको…”1982 में फिल्म ‘देश प्रेमी’ के लिए रफ़ी साहब के गाए ये बोल आज 2026 के बंगाल में एक क्रूर मज़ाक लगते हैं। चुनाव खत्म हुए हफ़्तों बीत गए, गुलाल की रंगत धूल में मिल चुकी है, लेकिन ज़मीन पर अपनों के खून का दाग गहराता जा रहा है। यहाँ लोकतंत्र का जश्न अब ‘इंतकाम के उत्सव’ में बदल चुका है।
सिस्टम का सरेंडर: शुभेंदु के PA की हत्या
विपक्ष के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के PA की बेरहमी से हत्या महज़ एक ‘क्राइम’ नहीं, बल्कि एक वीभत्स ‘पॉलिटिकल मैसेजिंग’ है। जब सत्ता की जंग वैचारिक धरातल छोड़ ‘तलवारों और बंदूकों’ पर उतर आए, तो समझ लीजिए लोकतंत्र ‘वेंटिलेटर’ पर है। अगर रसूखदारों के करीबी सरेआम काट दिए जाएंगे, तो बीरभूम या कूचबिहार के उस आम कार्यकर्ता की क्या बिसात, जिसका ‘गुनाह’ सिर्फ अपनी पसंद का बटन दबाना था?
भूगोल नहीं, ‘पॉलिटिकल स्लॉटरहाउस’
बंगाल का नक्शा आज ज़िलों में नहीं, ‘खूनी ज़ोन’ में बंटा है:
- बीरभूम-मुर्शिदाबाद: यहाँ बमों की गूँज सुबह की अज़ान और आरती से ज़्यादा लाउड है। दफ्तर नहीं, लोकतंत्र की बुनियाद रही ‘संवाद की चिता’ जल रही है।
- 24 परगना: यहाँ ‘पलायन’ प्राकृतिक आपदा नहीं, थोपी गई मजबूरी है। अपने ही वतन में ‘रिफ्यूजी’ बनते लोगों का दर्द लिखने वाली स्याही सूख चुकी है।
- नंदीग्राम-कूचबिहार: ये अब ‘परमानेंट बैटलफील्ड’ हैं, जहाँ पड़ोसी एक-दूसरे की आहट से सहम जाता है। अविश्वास का जहर इतना गहरा है कि भाईचारा अब बीते दौर की बात लगती है।
Bengal Elections 2026: डेथ वारंट बनता ‘मैन्डेट’
बंगाल में सत्ता का अर्थ अब ‘सेवा’ नहीं, विरोधियों का ‘सफाया’ हो गया है। चाय की टपरियों पर चर्चा विकास की नहीं, बल्कि इस खौफनाक सवाल की है कि “अगला नंबर किसका?” सबसे शर्मनाक है पुलिस की वह ‘सेलेक्टिव खामोशी’ जो सत्ता की चौखट पर नतमस्तक है। जब वर्दी किसी खास झंडे के रंग में रंग जाए, तो आम आदमी का सुरक्षा घेरा टूट जाता है।
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सिसकती विरासत टैगोर और सुभाष की मिट्टी को हम अपनों के ही खून से सींच रहे हैं। सरकारें आएंगी, मुख्यमंत्री बदलेंगे, लेकिन समाज का जो ताना-बाना आज झुलस रहा है, उसे रफू करने में सदियां लग जाएंगी। नफरत के सौदागरों ने दुकानें सजा ली हैं; अब प्रबुद्ध नागरिकों को जागना होगा। अगर बंगाल की ‘रूह’ ही मर गई, तो यह जीत का जश्न बंगाल के ताबूत पर आखिरी कील साबित होगा।















